नीति आयोग ने सराहा राजस्थान का शिक्षा मॉडल

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नीति आयोग ने सराहा राजस्थान का शिक्षा मॉडल


जयपुर, 20 मई (हि.स.)। नीति आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ में राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में किए गए नवाचारों की सराहना की है। रिपोर्ट में राज्य सरकार के ‘शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान’ और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान की एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली को ‘गुड स्टेट प्रैक्टिसेज’ के रूप में शामिल किया गया है।

रिपोर्ट में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, फिटनेस और स्वास्थ्य निगरानी के लिए विकसित तकनीक आधारित मॉडल को प्रभावी बताया गया है। इसके तहत प्रदेश में 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों की 70 से ज्यादा स्वास्थ्य मानकों पर स्क्रीनिंग की गई। विद्यार्थियों की दृष्टि, श्रवण क्षमता, पोषण स्तर, दंत स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस की जांच के साथ मोबाइल ऐप आधारित फॉलो-अप प्रणाली भी विकसित की गई है।

नीति आयोग ने इसे नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में स्वास्थ्य और पोषण को समाहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

रिपोर्ट में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत ओसीआर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मूल्यांकन प्रणाली की भी विशेष सराहना की गई है। आयोग के अनुसार इस प्रणाली के माध्यम से 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को “लर्निंग पॉवर्टी” से बाहर निकालने में मदद मिली है। साथ ही विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में प्रतिवर्ष 8 से 10 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किया गया।

राजस्थान परख रिपोर्ट-2024 में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल रहा। रिपोर्ट में टोंक जिले में संचालित ‘पढ़ाई विद एआई’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया है, जिसके माध्यम से गणित सहित विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।

राज्य सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान शिक्षा क्षेत्र में नवाचारों की उत्कृष्ट पाठशाला के रूप में उभर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के समन्वित उपयोग पर आधारित इन पहलों को नीति आयोग ने अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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