25 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी: भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना होगी
जयपुर, 20 जून (हि.स.)। सनातन धर्म में वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण और कठोर एकादशियों में शामिल निर्जला एकादशी का व्रत इस वर्ष 25 जून को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार निर्जला एकादशी तिथि 25 जून को रात्रि 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर श्रद्धालु 25 जून, गुरुवार को व्रत एवं पूजा-अर्चना करेंगे।
पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन श्रद्धालु बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार निर्जला एकादशी गुरुवार को पड़ने से भगवान विष्णु के साथ देवगुरु बृहस्पति की विशेष पूजा का भी महत्व रहेगा। श्रद्धालु भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल, पंचामृत एवं पीले वस्त्र अर्पित कर पूजा करेंगे। मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर विष्णु सहस्रनाम पाठ, श्रीमद्भागवत गीता पाठ तथा भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन भी होंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी पर जल, अन्न, वस्त्र, पंखा और छाता दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जरूरतमंदों को शीतल जल एवं उपयोगी वस्तुओं का दान विशेष फलदायी बताया गया है।
शर्मा ने बताया कि व्रत का पारण 26 जून को विधि पूर्वक किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान विष्णु से सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

