राजस्थान में नई व्यवसायिक एलपीजी वितरण नीति लागू, चरणबद्ध तरीके से बहाल हुई गैस आपूर्ति
जयपुर, 28 मार्च (हि.स.)। प्रदेश में व्यवसायिक गतिविधियों को फिर से गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल करते हुए नई व्यवसायिक एलपीजी वितरण नीति लागू कर दी है।
खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में हुए घटनाक्रमों के कारण कुछ समय के लिए व्यवसायिक एलपीजी आपूर्ति बाधित करनी पड़ी थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े। अब हालात में सुधार के साथ केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से इस आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में व्यवसायिक एलपीजी आपूर्ति पहले की स्थिति के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और नई नीति के जरिए इसे पूरी तरह सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। यह नीति न केवल आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करेगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार गैस का संतुलित वितरण भी सुनिश्चित करेगी।
नई व्यवस्था के तहत गैस आवंटन को प्राथमिकता के आधार पर तय किया गया है। शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को पूरी आपूर्ति दी जाएगी, ताकि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े। वहीं होटल, रेस्तरां और डेयरियों को आंशिक राहत देते हुए 60 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
औद्योगिक इकाइयों और अन्य व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी सीमित लेकिन नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। धार्मिक आयोजनों, मंदिरों और विवाह समारोहों को भी निर्धारित अनुपात में गैस दी जाएगी, जिससे सामाजिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अब गैस आवंटन उपभोक्ताओं की पूर्व खपत के आधार पर तय होगा। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत को आधार मानते हुए, पीएनजी और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को ध्यान में रखकर आपूर्ति निर्धारित की जाएगी। इससे अनावश्यक खपत पर नियंत्रण के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है।
अब कोई भी व्यवसायिक उपभोक्ता बिना पंजीकरण के एलपीजी सिलेंडर प्राप्त नहीं कर सकेगा। जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि नई नीति में जिला स्तर पर भी लचीलापन रखा गया है। यदि किसी जिले में गैस की बचत होती है, तो कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त आवंटन का निर्णय ले सकेगी।
नई व्यवसायिक एलपीजी वितरण नीति प्रदेश में प्रभावित उद्योगों, होटल व्यवसाय और अन्य सेवाओं को राहत देने के साथ-साथ आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

