राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में जेएनवी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन
जोधपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बालोद में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के रोवर-रेंजर दल नेता डॉ. शंकर लाल नामा के नेतृत्व में अनुशासित, सृजनात्मक और ऊर्जावान प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
दल नेता डॉ. शंकरलाल नामा ने बताया कि भारत स्काउट गाइड संगठन की हमारे देश में स्थापना के पश्चात प्रथम ऐतिहासिक जंबूरी में देशभर से आए रोवर-रेंजरों के बीच जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने कैंप क्राफ्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहसिक गतिविधियों तथा सेवा आधारित कार्यक्रमों में उल्लेखनीय सहभागिता निभाई। कैंप क्राफ्ट के अंतर्गत रोवर-रेंजर ने तंबू निर्माण, बांस एवं रस्सियों से संरचनाएँ तैयार करना, विभिन्न प्रकार की गांठों का सही प्रयोग, अस्थायी पुल मॉडल, स्वच्छता व्यवस्था, जल संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अत्यंत कुशलता से प्रस्तुत किया।
दल की टीम भावना, कार्यकुशलता और समय प्रबंधन ने निर्णायकों एवं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को प्रभावित किया। जंबूरी की सांस्कृतिक संध्या में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के रोवर-रेंजर द्वारा प्रस्तुत राजस्थान के पारंपरिक लोकनृत्य घूमर एवं कालबेलिया आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। पारंपरिक वेशभूषा, जीवंत भाव-भंगिमाएँ और तालबद्ध संगीत ने न केवल मंच को जीवंत किया, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

