दीपावली को 10 दिन शेष, निगम ने नहीं की आतिशबाजी की एक भी दुकान पर कार्रवाई
जयपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। दीपावली के त्योहार में महज 10 दिन शेष हैं और राजधानी जयपुर के बाजारों में आतिशबाजी की दुकानें सजने लगी हैं। पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में व्यापारियों को पटाखे बेचने के लाइसेंस भी जारी किए जा चुके हैं। लेकिन, इन दुकानों पर अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जांच करने में नगर निगम की फायर शाखा की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। त्योहार नजदीक होने के बावजूद अब तक एक भी दुकान पर नियमों की अवहेलना या सुरक्षा संबंधी खामियों को लेकर कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निगम प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
बाजारों में दुकानें तैयार, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल शहर के चारदीवारी क्षेत्र सहित कई प्रमुख बाजारों में पटाखों की दुकानें सज चुकी हैं। इन दुकानों पर आतिशबाजी का सामान बिक्री के लिए रखा जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर दुकानों के बाहर ही पटाखे रखे हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पटाखों का कारोबार आग के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में दुकानों पर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षित भंडारण और निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद निगम की फायर शाखा की ओर से समय रहते निरीक्षण और खामियां मिलने पर कार्रवाई नहीं किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
जयपुर के हवामहल क्षेत्र के आसपास, चौड़ा रास्ता, रामगंज बाजार और त्रिपोलिया बाजार सहित चारदीवारी के कई इलाकों में पटाखों की दुकानें खुलने लगी हैं। इसके अलावा एमआई रोड, मानसरोवर, मालवीय नगर, जगतपुरा, वैशाली नगर, सोडाला, शास्त्री नगर और मुरलीपुरा जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आतिशबाजी की दुकानें संचालित होने की तैयारी है। इन बाजारों में त्योहार के दौरान ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। खासकर चारदीवारी के संकरे बाजारों में भीड़भाड़ के बीच आग लगने जैसी घटना होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में दुकानों की नियमित जांच, ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और आपात स्थिति से निपटने के इंतजामों की पड़ताल आवश्यक है।
दीपावली दीपावली पर पटाखों की बिक्री के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद निगम प्रशासन की ओर से जांच अभियान में तेजी नहीं दिखाई देने से व्यापारियों के बीच नियमों की पालना को लेकर निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जरूरत है कि निगम की फायर शाखा सभी लाइसेंसधारी दुकानों का समयबद्ध निरीक्षण करे। जहां अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं हैं या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकानदारों को सुरक्षित भंडारण और आग से बचाव के निर्देश दिए जाएं। दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही इन खुशियों पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में नगर निगम को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते सक्रिय होकर बाजारों में अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जयपुरवासियों की दीपावली सुरक्षित रह सके।
जयपुर में दीपावली या अन्य अवसरों पर अस्थाई पटाखा बिक्री को लेकर दुकान के लिए लाइसेंस जारी किए जाते है जो कि विस्फोटक नियम, 2008 के तहत तय किए जाते हैं। नियमों के तहत अस्थाई लाइसेंस आमतौर पर सीमित समय (जैसे दीपावली के दौरान लगभग एक महीने) के लिए जारी किया जाता है। जिस व्यक्ति के नाम से पटाखा बिक्री का लाइसेंस जारी किया जाता है, केवल वही व्यक्ति दुकान पर पटाखे बेच सकता है। लाइसेंस की मूल प्रति को दुकान पर सामने की तरफ स्पष्ट रूप से चस्पा (लगाना) करना अनिवार्य है। दुकान के पास आग बुझाने के यंत्र , रेत और पानी से भरी बाल्टी, तथा आपातकालीन निकास रखना अनिवार्य है। दुकान के पास दीया, मोमबत्ती, खुली बिजली की तारें या धूम्रपान की वस्तुएं रखने पर सख्त मनाही होती है। नाबलिगों को पटाखे नहीं बेचे जा सकते।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस कमिश्नरेट में पटाखा शॉप लगाने को लेकर करीब 2400 लोगों ने आवेदन किया। पुलिस ने जांच के बाद करीब 1700 लोगों को लाइसेंस जारी कर दिया है, जबकि 700 आवेदनों की जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी (लाइसेंस एवं लीगल) बृजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि पटाखा शॉप को लेकर 2400 आवेदन मिले थे, इसमें से जांच के बाद 1600 से अधिक लाइसेंस जारी किए जा चुके है, बाकी 700 आवेदनों में कुछ खामियां पाई गई, उनकी जांच की जा रही है। जांच में इन जगहों पर दुकान के ऊपर मकान सहित अन्य निर्माण पाए गए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

