शुक्रवार से सजेगा उदयपुर का सबसे बड़ा 'सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रीयल एक्सपो'
उदयपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत', 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से लेकसिटी में अब तक का सबसे बड़ा 'सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रीयल एक्सपो' शुक्रवार 2 अक्टूबर से आरसीए मैदान में शुरू होने जा रहा है। उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के दिशा-निर्देशन में आयोजित होने जा रहा यह चार दिवसीय आयोजन केवल खरीदारी का व्यापारिक मेला मात्र न होकर, युवाओं, विद्यार्थियों और भावी उद्यमियों के लिए 'उद्यमिता की पाठशाला' के रूप में आकार ले चुका है। एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार सुबह 11 बजे भव्य समारोहपूर्वक होगा।
मेला संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे, जबकि अध्यक्षता उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत करेंगे। शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, मिराज ग्रुप के चेयरमैन मदन पालीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। समारोह की शुरुआत में एमडीएस स्कूल के 150 छात्र-छात्राएं समवेत स्वर में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन करेंगे
मेला प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि एक्सपो के दौरान युवाओं को समाज और नवाचार से जोड़ने के लिए प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3 अक्टूबर सड़क सुरक्षा व नागरिक जागरूकता दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत युवाओं को यातायात नियमों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। 4 अक्टूबर आर्ट एवं सोशल अवेयरनेस कार्यक्रम के तहत 'अर्बन स्केचर' समूह कैनवास और पेंटिंग के जरिये सामाजिक चेतना का संदेश देगा। 5 अक्टूबर को वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे पर प्रधानमंत्री के मूल मंत्र 'विरासत भी—विकास भी' विषय पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ विशेष परिचर्चा होगी।
एक्सपो के प्रवक्ता डॉ. अवनीश व्यास ने बताया कि आरसीए मैदान में जयपुर और दिल्ली के कुशल कारीगरों द्वारा तीन आकर्षक भव्य डोम तैयार किए गए हैं। कुंभा सभागार डोम मेवाड़ की वीरगाथा और निर्माण कला को प्रदर्शित करेगा। भामाशाह डोम दानवीरता और व्यापारिक निष्ठा की प्रेरणा देगा। अहिल्याबाई डोम महिला उद्यमिता और सशक्तीकरण को समर्पित रहेगा, जहाँ महिला स्टार्टअप्स के योगदान को विशेष मंच मिलेगा।
मेले में एक तरफ जहाँ घुमंतू समाज के पारंपरिक हस्तशिल्प और गृह उद्योग की झलक देखने को मिलेगी, वहीं मेवाड़ के प्रमुख औद्योगिक घराने हिन्दुस्तान जिंक, मिराज, पेस्टीसाइड इंडिया, लिब्रा, सिक्योर मीटर, वोलकेम और ओसावा ग्रुप अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, आयुष, हेल्थकेयर, होटल इंडस्ट्री, एफएमसीजी और एमपीयूएटी की उन्नत कृषि तकनीकें प्रदर्शित होंगी।
चित्तौड़गढ़ की प्रसिद्ध सीताफल की रबड़ी, श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पाद और विशेष शुगर-फ्री जामुन कैंडी आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगे। यहाँ बीटूबी (बिजनेस टू बिजनेस) और बीटूसी (बिजनेस टू कस्टमर) नेटवर्किंग के विशेष सेग्मेंट्स बनाए गए हैं।
महिला विंग की सीमा पारीख ने बताया कि हजारों आगंतुकों की सुविधा के लिए आरसीए ग्राउंड के सामने स्थित फतह स्कूल परिसर में विशाल पार्किंग व्यवस्था की गई है। फतह स्कूल से मेला स्थल तक पहुँचने के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी। इस सेवा का संचालन उदयपुर के महिला समूह ‘पिंक परी क्लब’ की महिला चालकों द्वारा किया जाएगा, जो महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का अनूठा संदेश देगा। उन्होंने बताया कि महिला शक्ति की टीम में शामिल अनिता जोशी, अर्चना, उपासना आदि विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटी हुई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

