गहलोत का सदन के बाहर बयान देना सदन और जनता का अपमान: घनश्याम तिवाड़ी
जयपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा विधानसभा में “सरकार @ 2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024—25—2026” के विकास कार्यों की चर्चा को “मूर्खतापूर्ण” और “मजाक” करार देने के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि गहलोत का यह बयान सदन, कार्य सलाहकार समिति तथा प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है। तिवाड़ी ने बताया कि 16 फरवरी को कार्य सलाहकार समिति की बैठक में “सरकार @ 2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024—25—2026” प्रतिवेदन पर चर्चा के लिए 21 फरवरी का दिन निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद गहलोत ने सदन में अपनी बात रखने के बजाय सदन के बाहर आकर इस चर्चा को मूर्खतापूर्ण बताया, जो उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का बयान सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। ऐसा प्रतित होता है कि गहलोत अर्ध मुर्छित अवस्था में आ गए। गहलोत ही नहीं, संपूर्ण कांग्रेस अर्ध मुर्छित हो गई। गहलोत को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जब गहलोत विपक्ष में होते हैं तो सदन में चर्चा से बचते हैं और बाहर आकर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत ने विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति द्वारा तय चर्चा को ही मजाक बता दिया, जो संसदीय परंपराओं के विरुद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा सदन में प्रस्तुत कर जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाई है। सरकार ने पहले अपने कार्यों की समीक्षा की और फिर पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का भी तुलनात्मक विवरण सामने रखा, जिससे कांग्रेस की वास्तविकता उजागर हुई है। इससे ही गहलोत और विपक्ष को मिर्ची लगी और वे सदन में चर्चा से बचते नजर आ रहे है।
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में अपराध दर में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहलोत सरकार का रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा। पूर्ववर्ती सरकार के समय महिला अपराध, गैंगरेप, पेपर लीक, जेजेएम में भ्रष्टाचार तथा ईआरसीपी और यमुना जल समझौते जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में विलंब जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए। उन्होंने कहा कि यदि 19 में से 18 कॉलेज कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए थे, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उन पर धरातल पर कार्य किस सरकार ने किया। तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने अपने अंतिम वर्ष 2023—24 में 1426 घोषणाएं कीं, जिनमें से 1142 पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। तिवाड़ी ने कहा कि गहलोत को सदन के बाहर मीडिया में भ्रामक बयान देने के बजाय सदन में अपनी बात रखनी चाहिए तथा सदन और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

