श्रावण मास: कांवड़ यात्राओं व शिवालयों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट

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श्रावण मास: कांवड़ यात्राओं व शिवालयों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट


जयपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। श्रावण मास में कांवड़ यात्राओं, शिवालयों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ तथा सुगम एवं सुरक्षित दर्शन व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलक्टर संदेश नायक ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलक्टर ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को कांवड़ यात्रा मार्गों की सड़कों एवं मीडियन की मरम्मत 30 जुलाई 2026 से पहले पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां पर्याप्त चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग लगाने को कहा गया।

जयपुर नगर निगम को कांवड़ यात्रा मार्गों और मंदिर परिसरों में नियमित सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन, सीवरेज मैनहोल व ढक्कनों की मरम्मत, सड़क सुधार, रोड लाइट, पार्किंग व्यवस्था, फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने तथा बेसहारा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख शिवालयों में रंगोली सज्जा कराने तथा पूजा में उपयोग हो चुके पुष्प और बिल्वपत्र से धूपबत्ती व अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं की निगरानी और त्वरित समाधान के लिए अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित कर जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए गए।

चिकित्सा विभाग को गलता जी सहित प्रमुख शिवालयों में संभावित भीड़ को देखते हुए चिकित्सक दल, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रमुख मंदिरों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विद्युत विभाग को शिवालयों और कांवड़ यात्रा मार्गों पर झूलते बिजली के तारों को तत्काल व्यवस्थित करने, खुले तारों और विद्युत जंक्शनों को सुरक्षित बनाने तथा विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला कलक्टर ने पुलिस विभाग को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा सुचारु यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर अनधिकृत वाहन पार्किंग रोकने के लिए परिवहन विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाने को कहा। उन्होंने मंदिर व्यवस्थापकों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन, पुलिस और सभी संबंधित विभाग उनके सुझावों के अनुरूप समन्वित रूप से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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