एसआईआर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या वोटर के नाम कटेंगे, इसलिए कांग्रेस घबराई : विधायक बालमुकुंद आचार्य

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एसआईआर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या वोटर के नाम कटेंगे, इसलिए कांग्रेस घबराई : विधायक बालमुकुंद आचार्य


जयपुर, 17 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संचालित कर रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट और बाहरी व्यक्तियों के नाम हटाकर सूची को शुद्ध करना है।

विधायक आचार्य ने कहा कि इसी चुनाव आयोग ने राजस्थान में उपचुनाव भी निष्पक्ष ढंग से कराए, जिनमें भाजपा के साथ कांग्रेस को भी सीटें मिलीं। यदि प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण होती, तो कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठे आरोप लगाने से कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि एसआईआर का विरोध दरअसल बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोट कटने की आशंका से उपजा है। यही कारण है कि कांग्रेस में बौखलाहट दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग अवैध रूप से रहकर सरकारी योजनाओं और मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई से कांग्रेस को आपत्ति क्यों है। संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना गलत है। यदि किसी के पास वैध दस्तावेज हैं, तो उसका नाम नहीं कटेगा।

विधायक ने हवामहल विधानसभा क्षेत्र के उदाहरण देते हुए कहा कि कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि एक 50 गज के मकान में कागजों में 39 मतदाता दर्ज हैं, जबकि मौके पर कोई नहीं रहता। इसी तरह एक अन्य मकान में 65 मतदाता दर्ज पाए गए, जबकि वास्तविकता में वहां कोई निवास नहीं करता। कई स्थानों पर 105 से 107 वर्ष की आयु के मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज हैं, जबकि मौके पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि ये त्रुटियां कांग्रेस शासनकाल के फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती हैं।

नाम काटने या जोड़ने का अधिकार किसी नेता का नहीं, बल्कि यह चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। एक व्यक्ति का कई राज्यों में वोटर होना, फर्जी मतदान और बाहरी लोगों द्वारा गलत तरीके से लाभ लेना लोकतंत्र के लिए खतरा है और इसे सुधारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विवाह के बाद बेटियों और बहुओं के नाम स्थानांतरण की प्रक्रिया स्वाभाविक और वैधानिक है।

उन्होंने दोहराया कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती। हिंदू-मुस्लिम सभी एक परिवार हैं और प्रदेश का हर नागरिक हमारी जिम्मेदारी है। “राम हो या रहीम, सेवा करना हमारा धर्म है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में चहुंमुखी विकास हो रहा है और कांग्रेस दो वर्षों में भाजपा सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा या भ्रष्टाचार का उदाहरण तक नहीं ढूंढ पाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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