एमजीएच: बिना किसी मांसपेशी को काटे दोनों कूल्हों के जोड़ सफलतापूर्वक बदले

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एमजीएच: बिना किसी मांसपेशी को काटे दोनों कूल्हों के जोड़ सफलतापूर्वक बदले


जोधपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। महात्मा गांधी अस्पताल के अस्थि एवं जोड़ रोग विभाग ने जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग की विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच (डीडीए) तकनीक का उपयोग करते हुए बिना किसी मांसपेशी को काटे दोनों कूल्हों (हिप) के जोड़ सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किए।

फलोदी निवासी फिरोज तथा पाली निवासी करीना पिछले दो-तीन वर्षों से दोनों कूल्हों के जोड़ में लगातार दर्द से पीडि़त थे। दर्द के कारण उनका चलना-फिरना अत्यंत कठिन हो गया था तथा वे सामान्य दैनिक गतिविधियां भी सहज रूप से नहीं कर पा रहे थे।

समस्या बढऩे पर दोनों मरीजों ने महात्मा गांधी अस्पताल के अस्थि एवं जोड़ रोग विभाग में परामर्श लिया। वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. किशोर रायचंदानी के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दोनों मरीजों की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि दोनों के दोनों कूल्हों के जोड़ एवैस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) से गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके थे, जिसके कारण उन्हें असहनीय दर्द एवं चलने-फिरने में गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों की अपेक्षाकृत कम आयु तथा सक्रिय जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ टीम ने उन्हें शीघ्र राहत प्रदान करने के उद्देश्य से दोनों कूल्हों का एक साथ ऑपरेषन अत्याधुनिक डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच (डीडीए) तकनीक से करने का निर्णय लिया।

इसके बाद दोनों मरीजों का बाइलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट (एक साथ दोनों कुल्हों का जोड़ प्रत्यारोपण) सफलतापूर्वक किया गया। सहायक आचार्य डॉ. निरोत्तम सिंह ने बताया कि डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच (डीडीए) द्वारा की जाने वाली हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी एक अत्याधुनिक मसल-स्पेयरिंग तकनीक है। इस विधि में मांसपेशियों को काटने के बजाय उनके प्राकृतिक अंतराल के बीच से रास्ता बनाकर सर्जरी की जाती है, जिससे मांसपेशियों को कोई क्षति नहीं पहुंचती।

इस ऑपरेशन में डॉ. किशोर रायचंदानी के साथ डॉ. निरोत्तम सिंह, डॉ. मनोज रेहड़ू, रेजिडेंट डॉ. आदित्य तथा डॉ. अंकित कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से सह-आचार्य डॉ. अभिलाषा थानवी, रेजिडेंट डॉ. प्रद्युम्न तथा डॉ. अमित ढाका ने सफल एनेस्थीसिया प्रबंधन किया। नर्सिंग स्टाफ में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी गोकुल पटेल, निशा, राजेश, प्रकाश, गणपत एवं रमेशी तथा सपोर्टिंग स्टाफ में विकास, ज्ञानप्रकाश एवं अकरम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सर्जरी के बाद मरीजों की शीघ्र रिकवरी में फिजियोथेरेपिस्ट प्रियंका, नीलम गौड़, आरती एवं आरआरसी स्टॉफ इन्द्रा सोलंकी का विशेष योगदान रहा। महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी एवं डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने संपूर्ण टीम को बधाई दी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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