जयपुर पुलिस लाइन में मानसिक स्वास्थ्य शिविर: तनाव प्रबंधन और अवसाद से बचाव के दिए गुर

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जयपुर पुलिस लाइन में मानसिक स्वास्थ्य शिविर: तनाव प्रबंधन और अवसाद से बचाव के दिए गुर


जयपुर पुलिस लाइन में मानसिक स्वास्थ्य शिविर: तनाव प्रबंधन और अवसाद से बचाव के दिए गुर


जयपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। पुलिस कार्मिकों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और तनावपूर्ण कार्य परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य शिविर एवं टॉक शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, अवसाद, चिंता, नशा मुक्ति और आत्महत्या की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। यह कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पार्थ शर्मा, संचित निरीक्षक सपना पूनिया, डॉ. गिरिराज शर्मा और डॉ. अखिलेश के विशेष सहयोग से जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी), जयपुर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस कार्मिकों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तनाव से निपटने के प्रभावी उपायों की जानकारी देना और समय रहते उपचार के लिए प्रेरित करना रहा।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं मनोचिकित्सक डॉ. गजानंद वर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मी लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना न केवल उनकी व्यक्तिगत बल्कि व्यावसायिक कार्यक्षमता के लिए भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर उपचार, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पुलिस कार्मिकों के सवालों के जवाब भी दिए।

शिविर के दौरान साइकियाट्रिक केयर नर्स संजय मित्तल और केस रजिस्ट्री असिस्टेंट मनीष कुमार सुनारीवाल ने पुलिस कार्मिकों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। आवश्यकता अनुसार प्रतिभागियों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं तथा व्यक्तिगत एवं गोपनीय काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम पुलिस कार्मिकों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक कार्य वातावरण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिस कार्मिकों से अपील की गई कि यदि मानसिक तनाव, अवसाद या अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो बिना संकोच विशेषज्ञ से परामर्श लें। आवश्यकता पड़ने पर टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 का उपयोग करने की भी सलाह दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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