काव्य समारोह ‘सम्मुख’ में गूंजी गीत-ग़ज़लों की स्वर लहरियां

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काव्य समारोह ‘सम्मुख’ में गूंजी गीत-ग़ज़लों की स्वर लहरियां


जयपुर, 28 मार्च (हि.स.)। कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में शनिवार को ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन द्वारा राजस्थान फोरम के सहयोग से काव्य समारोह ‘सम्मुख’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

समारोह में डॉ. बकुल देव, महबूब अली ‘महबूब’ और कृष गौड़ ‘जज़्बात’ सहित अन्य कवियों ने भाग लिया। डॉ. बकुल देव ने अपनी कविताओं के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को गहराई से अभिव्यक्त किया। उनकी पंक्तियां—“भाव में नहीं, अभाव में खोजना मुझे...” और “तजरिबों में न जहर जाया कर...” ने श्रोताओं पर गहरी छाप छोड़ी।

राजस्थान बाल साहित्य अकादमी से सम्मानित महबूब अली ‘महबूब’ ने अपनी ग़ज़लों से माहौल को सुरमय बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं सीकर के कृष गौड़ ‘जज़्बात’ ने हिंदी, उर्दू और राजस्थानी में अपनी प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। उनकी राजस्थानी ग़ज़ल को भी दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, वरिष्ठ साहित्यकार फारूक आफरीदी, पुष्कर उपाध्याय, अभिषेक तिवारी, राव शिवपाल सिंह, जगदीश शर्मा, आलोक आनंद, अंजुबाला स्वामी, रेखा सिंह, डॉ. अल्का गौड़ और डॉ. नीरज रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन किशन प्रणय ने किया। जबकि अंत में प्रमोद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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