किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीक की ताकत

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किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीक की ताकत


जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आमदनी और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट 2026 का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस बड़े आयोजन से प्रदेश के किसानों को देश-विदेश की नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे वे स्मार्ट फार्मिंग अपनाकर खेती को और लाभकारी बना सकेंगे।

मुख्य सचिव ने एग्रीटेक मीट को सफल बनाने के लिए कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, राजस्व, उद्योग, पर्यटन सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि प्रगतिशील किसान इस आयोजन का पूरा लाभ उठा सकें।

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने पीपीटी प्रजेंटेशन के जरिए तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम 2026 में प्रदेशभर से 50 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। इस आयोजन के जरिए राजस्थान की कृषि क्षमता और संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए देश और विदेश में रोड शो भी आयोजित किए जाएंगे।

एग्रीटेक मीट में किसानों के लिए कई उपयोगी गतिविधियां होंगी। इनमें किसान-वैज्ञानिक संवाद, किसान गोष्ठियां, कृषि प्रदर्शनी, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, क्रेता-विक्रेता बैठकें और बिजनेस मीटिंग्स शामिल हैं।

इस आयोजन में 250 से अधिक प्रदर्शक और कंपनियां, कृषि विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, आईसीएआर से जुड़े संस्थान और 32 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मंडल भाग लेंगे।

इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में उपलब्ध आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों को राजस्थान के किसानों तक पहुंचाना है। सरकार का मानना है कि नई तकनीक अपनाने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकेंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगे।

बैठक में कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, राजस्व, उद्योग, पर्यटन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वित्त, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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