विशेष योग्यजनों के लिए बेहतर होंगे कृत्रिम अंग व उपकरण, राजस्थान में हो रहा अनोखा नवाचार

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विशेष योग्यजनों के लिए बेहतर होंगे कृत्रिम अंग व उपकरण, राजस्थान में हो रहा अनोखा नवाचार


जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। विशेष योग्यजनों को अधिक सुविधा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में राजस्थान सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बुधवार को उन सरकारी और गैर-सरकारी शोध संस्थानों, संगठनों एवं विशेषज्ञों के प्रस्तुतिकरण देखे, जिन्होंने कृत्रिम अंगों और सहायक उपकरणों की गुणवत्ता बेहतर बनाने को लेकर शोध कार्य किया है।

अम्बेडकर भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विशेष योग्यजनों के लिए उपयोग में आने वाले कृत्रिम अंगों और उपकरणों को और अधिक आधुनिक, हल्का, मजबूत व उपयोग में आसान बनाने से जुड़े अपने शोध विचार और सुझाव साझा किए।

सामाजिक न्याय मंत्री गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में विशेष योग्यजनों के लिए मिलने वाले आर्टिफिशियल लिंब्स और उपकरणों की गुणवत्ता पर शोध कराने की घोषणा की थी। इसी घोषणा की अनुपालना में राज्य सरकार ने विभिन्न संस्थानों से अभिरुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले उपकरण सिर्फ औपचारिक न हों, बल्कि गुणवत्तायुक्त, टिकाऊ और दैनिक जीवन में वास्तव में सहायक साबित हों।

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां विशेष योग्यजनों के लिए इतनी संवेदनशीलता और नवाचार के साथ काम किया जा रहा है।

उन्होंने शोध संस्थाओं से आग्रह किया कि उपकरणों को अधिक हल्का, किफायती और उपयोग में सहज बनाया जाए, ताकि दिव्यांगजन बिना किसी परेशानी के उनका इस्तेमाल कर सकें।

उन्होंने कहा कि इस तरह के शोध और नवाचार से विशेष योग्यजनों के जीवन में स्वावलंबन, आत्मविश्वास और सम्मान की भावना मजबूत होगी।

बैठक में आयुक्त निदेशालय विशेष योग्यजन इकबाल खान, निजी सचिव रोहित कुमार, अतिरिक्त निदेशक चंद्रशेखर चौधरी सहित कई विशेषज्ञों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें रवि पूर्वया, डॉ वैभव भंडारी, क्षितिज शर्मा, डॉ अमित नाटाणी, डॉ विजय राठौर, मृणाल जोशी, सुदेश पचार तथा महावीर विकलांग सहायता समिति के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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