मातृ शक्ति और दुर्गा वाहिनी का शौर्य प्रदर्शन, शस्त्र पूजन के साथ निकाला पथ संचलन

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मातृ शक्ति और दुर्गा वाहिनी का शौर्य प्रदर्शन, शस्त्र पूजन के साथ निकाला पथ संचलन


नगौार, 18 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई मातृ शक्ति एवं दुर्गा वाहिनी की ओर से स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया। भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों के बीच निकले संचलन का शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गांधी चौक पर देखने को मिला, जहां पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मातृ शक्ति के पथ संचलन का संगम हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर परिसर से हुई। यहां दुर्गा वाहिनी की बहनों ने तलवारबाजी, दंड, नि:शस्त्र युद्ध कला और पिरामिड निर्माण का प्रदर्शन कर शारीरिक कौशल एवं आत्मरक्षा का परिचय दिया। इसके बाद पथ संचलन शहर के विभिन्न मोहल्लों से होता हुआ माही दरवाजा स्थित सारस्वत समाज बगीची पहुंचा, जहां विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद की राजस्थान क्षेत्र संयोजिका लता पांडे ने अपने संबोधन में महिलाओं से सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहने और बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए मातृ शक्ति से संगठित होकर भारतीय संस्कृति के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने की अपील की।

लता पांडे ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना अधर्म नहीं, बल्कि धर्म का कार्य है। हालांकि, उन्होंने शस्त्र के साथ शास्त्र के ज्ञान को भी आवश्यक बताया। उनके अनुसार, समाज को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक सामर्थ्य के साथ वैचारिक स्पष्टता और संस्कार भी जरूरी हैं।

लता पांडे ने महिलाओं और युवाओं से सोशल मीडिया पर रील बनाने तक सीमित रहने के बजाय समाज में वास्तविक और सकारात्मक कार्य करने की अपील की। उन्होंने झांसी की रानी, मां दुर्गा, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि बेटियों को संस्कारित करने के साथ बेटों को भी अच्छे संस्कार देना जरूरी है। परिवार और समाज में समान रूप से जिम्मेदारी निभाने की भावना विकसित होनी चाहिए।

उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय की सहायक आचार्य निशा जोशी ने की। इस अवसर पर कविता सैनी ने लव जिहाद और बबीता बेनीवाल ने नशामुक्ति विषय पर अपने विचार रखे। अवनी रांकावत ने काव्यगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजिका भारती वैष्णव ने किया, जबकि अनुपमा उपाध्याय ने आभार व्यक्त किया।

समग्र रूप से स्थापना दिवस का आयोजन शस्त्र पूजन, शारीरिक कौशल प्रदर्शन, पथ संचलन और वैचारिक संबोधन के माध्यम से संपन्न हुआ। शहर में निकले संचलन के दौरान व्यापारियों और आमजन की ओर से पुष्पवर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Livevns.news Desk
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