राजस्थान के बजट में कृषि व किसानों के हित में कई घोषणाएं, कृषि विकास योजना में 650 करोड़ रुपये के कार्य करवाने का ऐलान

राजस्थान के बजट में कृषि व किसानों के हित में कई घोषणाएं, कृषि विकास योजना में 650 करोड़ रुपये के कार्य करवाने का ऐलान


जयपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीयाकुमारी ने बुधवार को राजस्थान विधानसभा में बजट पेश करते समय कृषि व किसानों के हित में कई घोषणाएं की। उन्होंने राजस्थान कृषि विकास योजना में 650 करोड़ रुपये के कार्य करवाने का ऐलान किया। साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए किसान भाइयों को आधुनिक तकनीकी आधारित यंत्रों के लिए 200 करोड़ रुपये का अनुदान देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1000 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे। दस एग्रो क्लाइमेट जाेन के दो-दो कलस्टर्स में 120 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। महात्मा गांधी नरेगा योजना में फार्म पौंड, डिग्गी, फलदार पौधारोपण, मेड़बंदी इत्यादि कार्य पर लगभग एक हजार 100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। आर्गेनिक एंड कन्वेंशनल फार्मिंग बोर्ड का गठन किया जाएगा। जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए जिलों में यूनिट्स एवं लैब्स, गौवंश से जैविक खाद उत्पादन करने के लिए गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, 10 हजार रुपये प्रति कृषक तक की सहायता, महात्मा गांधी नरेगा, गोवर्धन परियोजनाओं, कम्पोस्ट पिट एवं फ्रूट्स एंड प्लांटेशन आदि कार्य पर 197 करोड़ 86 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। जिला मुख्यालयों पर दो वर्षों में एग्री क्लीनिक्स खोले जाएंगे। इन पर लगभग 21 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। किसानों की क्षमता वृद्धि के लिए नॉलेज एनहेसमेंट प्रोग्राम चलेगा। एग्री स्टैक के माध्यम से किसानों को स्वतः फसल गिरदावरी की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने सहकारिता एवं कृषि विपणन के क्षेत्र में 23 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण देने की घोषणा की। इसमें 736 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान पर व्यय होंगे। इससे लगभग पैंतीस लाख किसान लाभान्वित होंगे। भूमि सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन कृषि ऋण बांटे जाएंगे। दीर्घकालीन कृषि ऋणों का समय पर चुकारा करने वाले काश्तकारों को दो प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। दीर्घकालीन सहकारी अकृषि ऋणों पर 5 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इस पर लगभग 64 करोड़ रुपये का व्यय होगा। 500 नये फार्मर प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन के अलावा 150 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 से 500 मीट्रिक टन क्षमता के 35 करोड़ से गोदामों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने रामगढ़ पचवारा (लालसोट) दौसा, नसीराबाद-अजमेर, पीपलू-टोंक में कृषि मण्डी, साधुवाली (सादुलशहर) श्रीगंगानगर में गाजर मण्डी, जैसलमेर में जीरा मण्डी तथा मनोहरथाना-झालावाड़ में लहसुन, भुसावर-भरतपुर में फूड पार्क एवं भरतपुर में फूड प्रोसेसिंग पार्क, मण्डी में ई मंडी प्लेटफार्म के माध्यम से सीधे कृषकों के खेत से खरीद की सुविधा देने का ऐलान किया। भुसावर-भरतपुर में एग्रो प्रोसेसिंग प्लांट तथा सवाई माधोपुर में अमरूद, आंवला एवं मिर्च, मेड़ता सिटी में जीरा, सिरोही में ईसबगोल, जोधपुर व बारां में मसाले एवं बालोतरा में अनार के प्रोसेसिंग प्लांट निजी क्षेत्र के सहयोग से खोलने की भी घोषणा की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित / डॉ.ईश्वर बैरागी

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