दीपावली से पहले किसानों को बड़ी सौगात, अब अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में दिन में मिलेगी बिजली

WhatsApp Channel Join Now
दीपावली से पहले किसानों को बड़ी सौगात, अब अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में दिन में मिलेगी बिजली


जयपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। दीपावली से पहले राजस्थान सरकार ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नागौर जिले के बिरलोका में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। इसके साथ ही अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था का विस्तार हो गया है। इससे किसानों को रात के बजाय दिन में सिंचाई करने की सुविधा मिलेगी और कृषि कार्य अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। बिरलोका में नए जीएसएस के शुरू होने से इस दिशा में चल रहे प्रयासों को मजबूती मिली है। खासतौर पर नागौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों और खींवसर तहसील के किसानों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

बिरलोका में जीएसएस शुरू होने से बिरलोका, नारवा, हिसाबा, पांचला सिद्धा, खींवसर और पांचौड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से खींवसर तहसील में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को इससे सहारा मिलेगा।

अब तक अजमेर डिस्कॉम के 14 जिलों में से 13 जिलों में किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली देने की व्यवस्था लागू थी। बिरलोका जीएसएस के शुरू होने के बाद शेष जिले में भी इसका विस्तार हो सकेगा। इससे सिंचाई के लिए रात में खेतों पर जाने की जरूरत कम होगी और किसानों को अपने कृषि कार्यों की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

बिरलोका में लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस ग्रिड सब-स्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का 220/132 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। यह सब-स्टेशन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विद्युत तंत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसमें अत्याधुनिक पर्यवेक्षी नियंत्रण एवं आंकड़ा अधिग्रहण प्रणाली (स्काडा) का उपयोग किया गया है। इससे पश्चिमी राजस्थान में उत्पादित सौर ऊर्जा का नागौर जिले में बेहतर उपयोग संभव होगा। साथ ही बिजली की छीजत कम करने और आपूर्ति की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता में सुधार करने में मदद मिलेगी।

नए जीएसएस के शुरू होने से क्षेत्र में वोल्टेज स्तर बेहतर बनाए रखने और बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कनेक्शनों तक बिजली पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होने से किसानों को सिंचाई कार्यों में सुविधा मिल सकेगी।

दिन के समय बिजली मिलने से किसानों को रात में खेतों में सिंचाई करने के दौरान होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग से बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

राज्य सरकार ने बजट घोषणा के माध्यम से वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। सरकार के अनुसार, अब तक राजस्थान के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766698 Articles

Share this story