मैं झाबर सिंह खर्रा पुस्तक का विमोचन
जयपुर, 05 मार्च (हि.स.)। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आवास पर उनकी जीवन यात्रा पर आधारित 142 पृष्ठों की पुस्तक मैं झाबर सिंह खर्रा का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन मंत्री खर्रा ने किया।
इस अवसर पर शिक्षाविद शिवकुमार जोशी, पुस्तक प्रकाशक संस्था श्री गोविंदम के सुरेश कुड़ी, पुस्तक के संपादक विवेकानंद शर्मा, संवाद सेतु के दिलीप शर्मा एवं श्रवण चौधरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
पुस्तक के संपादक विवेकानंद शर्मा ने बताया कि इस कृति में झाबर सिंह खर्रा के जीवन से जुड़े विभिन्न आयामों—सामाजिक सरोकार, राजनीतिक योगदान एवं जनसेवा के कार्यों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में उनके विभिन्न साक्षात्कार, विधानसभा में दिए गए भाषण तथा 30 से अधिक लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विचारों का संकलन किया गया है। साथ ही दुर्लभ छायाचित्रों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व के विविध पहलुओं को उकेरने का प्रयास किया गया है।
प्रकाशक सुरेश कुड़ी ने कहा कि नेताओं की जीवनी पर आधारित पुस्तकें उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता को समझने का सशक्त माध्यम होती हैं। ये पुस्तकें केवल घटनाओं का विवरण नहीं देती, बल्कि मूल्यों, नैतिकता और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की कला भी सिखाती हैं।
संवाद सेतु के दिलीप शर्मा ने कहा कि संपादक विवेकानंद शर्मा और प्रकाशक ने धैर्य एवं सूक्ष्म दृष्टि से एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के कृतित्व को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया है। पुस्तक में नागरमल लोकनाथ का गुरुजी का आलेख, सहपाठी सत्यनारायण खांडल का संस्मरण तथा मानसिंह शेखावत सहित तीन दर्जन से अधिक लेखकों के विचारों के माध्यम से खर्रा परिवार की जीवन यात्रा को वस्तुपरक रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक जनप्रतिनिधि के रूप में झाबर सिंह खर्रा के संघर्ष, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति समर्पण को रेखांकित करती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

