अजमेर दरगाह की खुदाई में शिव की जगह शव मिले तो मौत मंजूर— परमार

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अजमेर दरगाह की खुदाई में शिव की जगह शव मिले तो मौत मंजूर— परमार


अजमेर दरगाह की खुदाई में शिव की जगह शव मिले तो मौत मंजूर— परमार


महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अजमेर पहुंच कर पुष्कर सरोवर पूजा व दरगाह में शिव मंदिर सर्वे के लिए याचिका लगाने का किया दावा- बाेले, देश संविधान से चलेगा, चादर और फादर से नहीं

अजमेर, 12 जनवरी(हि.स.)। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि इसके लिए सर्वे कराने की एक याचिका भी अजमेर कोर्ट में लगाई जाएगी।

परमार ने कहा कि देश संविधान से चलेगा। चादर और फादर से नहीं चलेगा। आने वाले दिनों में उम्मीद रखते हैं कि पुष्कर और प्रयागराज का गंगाजल दरगाह में चढ़ाया जाएगा।

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविवार रात अजमेर पहुंचे। सुबह उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों व संगठन साथियों के साथ पुष्कर पहुंच कर जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किए और सरोवर के घाट पर पूजा अर्चना की।

उन्होंने दावा किया कि अजमेर दरगाह एक हिंदू मंदिर है, इसकी लड़ाई वे लम्बे समय से लड़ रहे हैंं। इसकी एक याचिका राष्ट्रपति को भी लगाई थी, जिसे राजस्थान सरकार के मुख्‍य सचिव को भेज दी गई है। अब इस लड़ाई को कोर्ट के जरिए लड़ा जाएगा। इसे लेकर अजमेर कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील ए पी सिंह के नेतृत्व में एक याचिका दायर की जा रही है। परमार ने कहा कि निश्चित तौर पर कोर्ट से हमें उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि अभी तक तीन लाख लोगों के पास वे पहुंच चुके हैं। 7800 किलोमीटर की यात्रा गहलोत सरकार के समय की है। तत्कालीन सरकार से कहा था कि दरगाह में शिव चालीसा करने की अनुमति दी जाए। अगर शिव निकला तो हमारे और शव निकला तो तुम रख लेना, संविधान के तहत जो भी सजा मिलेगी वह मंजूर होगी। लेकिन विश्वास भी है कि वहां शिवजी का मंदिर है।

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील डॉ एपी सिंह ने बताया कि देश के राष्ट्रपति के यहां महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से याचिका लगाई थी यह याचिका राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को भेजी गई है। मुख्य सचिव की ओर से जो पत्राचार किया गया है जिसके अधार अजमेर कोर्ट में एक याचिका पेश किया जाना प्रस्तावित है जिसमें अजमेर दरगाह नहीं शिवजी का मंदिर है। पुरातत्वकाल से मंदिर है। उन्होंने कहा कि उनके पास प्राचीन तथ्य हैं। याचिका में आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट रास्थान सरकार और केंद्र का मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ पर्यटक मंत्रालय को भी पार्टी बनाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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