15 साल से लिम्फेडेमा से जूझ रहे मरीज को मिली राहत: जयपुर में पहली बार हुई वीएलएनटी  सर्जरी

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15 साल से लिम्फेडेमा से जूझ रहे मरीज को मिली राहत: जयपुर में पहली बार हुई वीएलएनटी  सर्जरी


जयपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। नागौर निवासी 61 वर्षीय मरीज को 15 साल से पैर में गंभीर सूजन की समस्या से राहत नहीं मिल रही थी। एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल जयपुर में चिकित्सकों ने पहली बार वैस्कुलराइज्ड लिम्फ नोड ट्रांसफर (वीएलएनटी) माइक्रोसर्जरी कर मरीज को राहत दी। सर्जरी के बाद प्रभावित पैर की सूजन में करीब 80 फीसदी कमी आई है और मरीज को पैर के भारीपन से भी राहत मिली है।

मरीज के लिम्फेटिक सिस्टम के अतिरिक्त तरल बाहर नहीं निकाल पाने के कारण बाएं पैर में लगातार सूजन बनी रहती थी। इससे उन्हें चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होती थी। पारंपरिक उपचार और पूर्व में कराई गई सर्जरी से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने एचसीजी के विशेषज्ञों से संपर्क किया।

करीब तीन घंटे चली जटिल सर्जरी में मरीज के दाएं कंधे के क्षेत्र से स्वस्थ लिम्फ नोड टिश्यू निकालकर प्रभावित पैर की पिंडली में प्रत्यारोपित किया गया। माइक्रोसर्जिकल तकनीक से कुछ मिलीमीटर आकार की रक्त वाहिकाओं को जोड़कर प्रत्यारोपित टिश्यू में रक्त प्रवाह और लिम्फेटिक ड्रेनेज को सुचारू किया गया। सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी हुई और मरीज को तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सर्जरी कंसल्टेंट प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी डॉ. सौरभ गर्ग और डॉ. मनीष जैन की अगुवाई में हुई। डॉ. गौरव गोयल ने कंधे से स्वस्थ लिम्फ नोड टिश्यू प्राप्त करने में सहयोग किया, जबकि डॉ. विकास लाखोटिया ने एनेस्थीसिया प्रबंधन संभाला।

डायरेक्टर-ऑन्कोलॉजी एवं एचओडी-मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. नरेश सोमानी ने बताया कि वीएलएनटी और लिम्फैटिक वेनस एनास्टोमोसिस (एलवीए) जैसी अत्याधुनिक प्रक्रियाओं से लंबे समय से लिम्फेडेमा से पीड़ित मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है।

डॉ. सौरभ गर्ग ने कहा कि लिम्फेडेमा के मरीजों को अक्सर लगता है कि उन्हें जीवनभर सूजन के साथ रहना पड़ेगा, लेकिन वीएलएनटी और एलवीए जैसी आधुनिक तकनीकें बीमारी के मूल कारण को संबोधित करने में मदद करती हैं। राजस्थान में ऐसी सुविधाएं मरीजों के नजदीक उपलब्ध कराना अस्पताल की प्रतिबद्धता है।

डॉ. मनीष जैन ने बताया कि 15 मिलीमीटर से भी छोटी रक्त वाहिकाओं पर काम करने के लिए अत्यधिक सटीकता की जरूरत होती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम के समन्वित प्रयास को दिया।

मरीज ने बताया कि 15 वर्षों से लगातार दर्द और सूजन के कारण उसकी जिंदगी काफी सीमित हो गई थी। सर्जरी के बाद राहत मिलने से उसे दोबारा सामान्य जीवन जीने की उम्मीद मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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