शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर ल्यूमिएर समिट में भाग लेने पहुँचे फ्रांस

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शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर ल्यूमिएर समिट में भाग लेने पहुँचे फ्रांस


डूंगरपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। भारतीय सिनेमा की अनमोल विरासत को सहेजने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय फिल्म संस्कृति को एक नई पहचान दिलाने वाले प्रख्यात फिल्मकार एवं फिल्म आर्काइविस्ट शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर प्रतिष्ठित 'ल्यूमिएर समिट' में हिस्सा लेने फ्रांस पहुँच गए हैं।

यह उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन फ्रांस के सुरम्य सेंट-पॉल-डी-वांस स्थित सुप्रसिद्ध 'फोंडेशन मैग्ट' में आयोजित किया जा रहा है। वैश्विक सिनेमा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'मूविंग इमेज' और वैश्विक सिनेमा के भविष्य को नई दिशा देने के लिए दुनिया भर के अग्रणी फिल्मकारों, नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों को एक साझे मंच पर एकत्र करना है।

दक्षिणी राजस्थान के ऐतिहासिक डूंगरपुर राजघराने से संबंध रखने वाले शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर की इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उपस्थिति भारतीय सिनेमा और देश की समृद्ध फिल्म धरोहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। राजस्थान के पूर्व डूंगरपुर राजघराने से जुड़ाव और फिल्म संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर कायम की गई उनकी विशिष्ट पहचान के चलते यह निमंत्रण भारत के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश के लिए भी अत्यंत गौरव का विषय है। गैर-लाभकारी संस्था 'फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन' के संस्थापक निदेशक के रूप में शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर पिछले लंबे समय से भारत की पुरानी, दुर्लभ और विलुप्त होती फिल्मों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी संस्था ने भारत की कई क्लासिक और ऐतिहासिक फिल्मों को नष्ट होने से बचाकर उन्हें मूल स्वरूप में बहाल करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है, जिसकी सराहना विश्व भर के फिल्म प्रेक्षकों द्वारा की जाती रही है।

इस वर्ष का ल्यूमिएर समिट ऐसे दौर में आयोजित हो रहा है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सोशल मीडिया का दायरा और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का तीव्र विस्तार फिल्म उद्योग के सामने अभूतपूर्व चुनौतियां और नए अवसर लेकर आए हैं। इस वैश्विक महाकुंभ में 55 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान सिनेमा पर एआई के बढ़ते प्रभाव, रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा, आधुनिक फिल्म निर्माण के नए वित्तीय मॉडल, दर्शकों तक व्यापक पहुँच और विश्व सिनेमा की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा।

यह शिखर सम्मेलन केवल पारंपरिक फिल्म निर्माण की चर्चा तक सीमित न रहकर आने वाले दशक में 'मूविंग इमेज' की रचनात्मक, तकनीकी और सांस्कृतिक दिशा निर्धारित करने का एक सशक्त प्रयास है। ऐसे वैश्विक विचार-विमर्श के मंच पर भारत की सशक्त आवाज के रूप में शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की सिनेमाई विरासत के महत्व और प्रासंगिकता को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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