नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान झूलेलाल

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नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान झूलेलाल


जयपुर, 19 मार्च (हि.स.)। सिंधी समुदाय के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व चेटीचंड का उत्सव इस वर्ष 20 मार्च 2026 को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। चैत्र शुक्ल द्वितीया तिथि को भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव होता है। इतिहास के अनुसार, इस दिन भगवान झूलेलाल सिंध प्रांत में हिंदुओं की रक्षा के लिए अवतरित हुए थे। चेटीचंड का शाब्दिक अर्थ है 'चैत्र मास का चांद' और इस दिन का चंद्र दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है।

सिंधी समुदाय द्वारा पूरे विश्व में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाने वाले इस पर्व में जयपुर में भी कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अध्यक्ष नरेंद्र मूलचंदानी ने बताया कि शहर के झूलेलाल मंदिरों में प्रातःकाल भगवान झूलेलाल का पंचामृत अभिषेक होगा और उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे। ऋतु पुष्पों से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा और मीठे चावल, छोले और हलवे का भोग लगाया जाएगा। मंदिर के शिखर पर लाल ध्वजा फहराई जाएगी और दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। महिलाएं हाथ में चावल, चीनी और जल लेकर प्रार्थना करेंगी। इसके साथ ही सिंधी शहनाई और ढोल की धुन पर छेज लोक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही बच्चों के जनेऊ संस्कार और मुंडन संस्कार भी सम्पन्न होंगे।

महासचिव प्रमोद नावानी ने बताया कि चौगान स्टेडियम से दोपहर 2:00 बजे शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम संयोजक नंदलाल लालवानी ने कहा कि अमरपुरा दरबार के संत मोने रामजी महाराज और संत मंडली ज्योति प्रज्ज्वलित करेंगे। इसी अवसर पर समाज के लिए श्रेष्ठ कार्य करने वाले को सिंधी सपूत 2026 की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

पखवाड़ा सचिव अर्जुन दास मेहरचंदानी ने बताया कि इस बार 51 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। इसमें राधा-कृष्ण की रासलीला, नरसिंह अवतार, महल में भगवान झूलेलाल, कमल पर भगवान झूलेलाल, श्वेत अश्व पर भगवान झूलेलाल, बाहुबली हनुमान और अघोरी की झांकियां प्रमुख रहेंगी। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल होंगे।

कोषाध्यक्ष दीपक वरंदानी ने बताया कि शोभायात्रा मार्ग पर कई स्वागत द्वार बनाए गए हैं। व्यापार मंडल श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए बिस्किट, शरबत, फल और सूखे मेवे वितरित करेंगे। संयोजक हरीश असरानी ने बताया कि इस दौरान जयपुर में सिंधी संस्कृति के विविध दर्शन देखने को मिलेंगे।

झांकी सचिव रमेश हरपलानी ने बताया कि शोभायात्रा चौगान स्टेडियम से शुरू होकर गणगौरी बाजार, चांदपोल बाजार, खजाने वालों का रास्ता, इंदिरा बाजार, नेहरू बाजार, बापू बाजार, जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, हवा महल बाजार, चांदी की टकसाल होते हुए कंवर नगर के झूलेलाल मंदिर पहुंचेगी। यहाँ श्रेष्ठ झांकी पुरस्कारों की घोषणा भी की जाएगी।

गुरुवार को बनीपार्क के श्री झूलेलाल मंदिर में लोकनृत्य छेज की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें शहर की 15 टीमों ने भाग लिया। जयपुर में चेटीचंड महोत्सव के आयोजन ने सिंधी संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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