भाषाओं के समावेश से मजबूत होता है लोकतंत्र : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
पहली बार भारतीय संसद में 22 भाषाओं में हो रहा समानांतर अनुवाद
जोधपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संसद में पहली बार आठवीं अनुसूची में दर्ज 22 क्षेत्रीय भाषाओं में सांसद अपनी बात रखते हैं और संवाद करते हैं। अपने विचार संसद में रखते हैं। पहली बार भारतीय संसद में 22 भाषाओं में समानांतर अनुवाद हो रहा है। भारत इकलौता देश है, जहां की संसद में 22 क्षेत्रीय भाषाओं में चर्चा हो रही है। बिरला शुक्रवार को जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि इससे सांसद अपने क्षेत्र की जनता से जुड़ते हैं। भाषाओं के समावेश से लोकतंत्र मजबूत होता है। यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती भी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में अधिकतम कामकाज हो, इसका प्रयास किया जाता है। पिछली बार संसद की उपयोगिता 111 प्रतिशत रही थी। संसद में विचारों की सहमति और असहमति होती है यह लोकतंत्र की ताकत भी है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के सभी समाजों के योगदान से ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा।
लोकसभा अध्यक्ष की जोधपुर एयरपोर्ट पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, संभागीय आयुक्त डॉ प्रतिभा सिंह, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, राजस्थान जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, विधायक शेरगढ़ बाबू सिंह राठौड़, पूर्व जेडीए अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल सहित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने अगवानी की।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

