शराब ठेकेदारों का प्रदर्शन: रात 11 बजे तक दुकानें खोलने की मांग

WhatsApp Channel Join Now
शराब ठेकेदारों का प्रदर्शन: रात 11 बजे तक दुकानें खोलने की मांग


शराब ठेकेदारों का प्रदर्शन: रात 11 बजे तक दुकानें खोलने की मांग


जयपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। आबकारी नीति और शराब कारोबार से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदेशभर के शराब ठेकेदार सोमवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर जुटे और विरोध प्रदर्शन किया। लिकर कॉन्ट्रैक्टर यूनियन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में सैकड़ों ठेकेदार शामिल हुए। ठेकेदारों ने शराब की दुकानों को रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति देने सहित आबकारी व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज धनखड़ ने कहा कि ठेकेदारों पर शराब की निर्धारित गारंटी पूरी करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन बिक्री के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा। ऐसे में सरकार को ठेकेदारों के साथ तत्काल बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा समय सीमा में शराब की बिक्री प्रभावित हो रही है और गारंटी पूरी करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने दुकानों का संचालन समय बढ़ाकर रात 11 बजे तक करने की मांग की। उनका तर्क है कि जब सरकार गारंटी पूरी करने का दबाव बना रही है तो बिक्री के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

यूनियन ने शराब कंपनियों की ओर से ठेकेदारों पर बनाए जा रहे दबाव का मुद्दा भी उठाया। आरोप लगाया गया कि कम मांग वाली शराब भी ठेकेदारों को उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। विभाग की ओर से हर महीने शराब उठाने का लक्ष्य दिए जाने और लक्ष्य पूरा नहीं होने पर अगले महीने 150 प्रतिशत तक उठाव का दबाव बनाए जाने की बात कही गई। ठेकेदारों ने शराब उठाव पर लगे सभी प्रकार के राइडर हटाने की मांग की।

ठेकेदारों ने गारंटी व्यवस्था को मासिक के बजाय तीन माह की करने की मांग की। यूनियन का कहना है कि शराब की बिक्री पूरे साल एक जैसी नहीं रहती और इसमें लगातार उतार-चढ़ाव होता है। ऐसे में त्रैमासिक गारंटी व्यवस्था ठेकेदारों के लिए अधिक व्यावहारिक होगी।

यूनियन ने मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में जीरो बिलिंग करने और इसके बाद प्रदेशभर में शराब की दुकानें बंद करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने सरकार को राजनीतिक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आगामी निकाय चुनाव में इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story