चार दशकों की अपनी सैन्य सेवा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने चुनौतीपूर्ण कमान संभाली, साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर की कमान छोड़ी

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चार दशकों की अपनी सैन्य सेवा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने चुनौतीपूर्ण कमान संभाली, साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर की कमान छोड़ी


जयपुर, 30 जून (हि.स.)। लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने मंगलवार को जयपुर स्थित 'सप्त शक्ति कमांड' की कमान सौंपी और लगभग चार दशकों के शानदार और प्रतिष्ठित सैन्य करियर के बाद सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर ने जयपुर मिलिट्री स्टेशन के प्रेरणा स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) ले कर्नल निखिल धवन के अनुसार जनरल ऑफिसर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं। वह दिसंबर 1986 को 19 मद्रास रेजिमेंट में कमीशन हुए थे। लगभग चार दशकों की अपनी सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कमान तथा स्टाफ जिम्मेदारियाँ निभाईं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान अपनी बटालियन की कमान संभाली। इसके अलावा, नियंत्रण रेखा पर एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, डेजर्ट स्ट्राइक कोर के अंतर्गत एक इन्फैंट्री डिवीजन और जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर तैनात एक कोर की भी सफलतापूर्वक कमान संभाली।

सप्त शक्ति कमान की कमान संभालने से पहले वे शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों पर भी कार्य किया, जिनमें जम्मू और कश्मीर में उग्रवाद-विरोधी माहौल में तैनात एक कोर में कर्नल जीएस (आईडब्लू ), कर्नल जीएस (ऑप्स/एयर), बीजीएस (ऑप्स), एमजीजीएस (ऑप्स) और कमांड हेडक्वार्टर में चीफ ऑफ स्टाफ शामिल हैं और उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (पॉलिसी, प्लानिंग और फोर्स डेवलपमेंट) के डिप्टी चीफ के तौर पर भी कार्य किया।

प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में प्लाटून कमांडर एवं इंस्ट्रक्टर (क्लास सी) के रूप में सेवाएँ दीं। इसके अलावा, उन्होंने भूटान में इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग टीम में डायरेक्टिंग स्टाफ कोऑर्डिनेटर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाई। 1 जनवरी 2021 से वे मद्रास रेजिमेंट के कर्नल ऑफ़ दी रेजिमेंट के रूप में भी दायित्व निभाते रहे।

राष्ट्र सेवा के प्रति उत्कृष्ट समर्पण, प्रभावी नेतृत्व तथा भारतीय सेना में विशिष्ट एवं अनुकरणीय योगदान के लिए लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह को वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल, वर्ष 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल, वर्ष 2019 में विशिष्ट सेवा मेडल तथा वर्ष 2015 में युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने 1 जुलाई 2024 को सप्त शक्ति कमान की कमान संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान, सप्त शक्ति कमांड ने नवीनतम सैन्य सिद्धांतों को अपनाते हुए आपसी तालमेल और संचालन क्षमता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके नेतृत्व में कमान ने ऑपरेशनल तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों, रणनीतियों और कार्यप्रणालियों को विकसित किया। विशेष रूप से, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके दूरदर्शी नेतृत्व और रणनीतिक मार्गदर्शन ने सप्त शक्ति कमान को एक आधुनिक, अधिक सक्षम और हर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार सैन्य बल के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कमांड का कार्यभार सौंपते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने सप्त शक्ति कमांड के सभी रैंक के कर्मियों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, डिफेन्स सिविलियन एम्प्लाइज और उनके परिवारों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी कर्मियों से सप्त शक्ति कमांड के आदर्श वाक्य 'हमेशा विजयी' (Forever Victorious) पर खरा उतरने और समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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