मुख्यमंत्री ने लॉन्च की तीन बड़ी औद्योगिक नीतियां, निवेशकों को दिया आमंत्रण

WhatsApp Channel Join Now
मुख्यमंत्री ने लॉन्च की तीन बड़ी औद्योगिक नीतियां, निवेशकों को दिया आमंत्रण


जयपुर, 18 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। उद्योग और निवेश आर्थिक समृद्धि के सबसे बड़े आधार हैं और राज्य सरकार उद्यमियों को बेहतर माहौल देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में निवेश के अवसरों का लाभ उठाकर “विकसित राजस्थान” के निर्माण में भागीदार बनें।

मुख्यमंत्री बुधवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित उद्यमी संवाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान दिवस के अवसर पर इस वर्ष 19 मार्च को प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण नीतियों राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी और राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि इन नीतियों से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राजस्थान भविष्य की तकनीकों व रक्षा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रीको औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 119 करोड़ रुपये के 40 कार्यों का लोकार्पण और 226 करोड़ रुपये के 46 कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण के चेक, स्वीकृति पत्र और भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ‘रिप्स 2024’ और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे उद्योग स्थापना में समय और लागत दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने जानकारी दी कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से आठ लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट धरातल पर आ चुके हैं। साथ ही होंडा द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का प्रस्ताव बढ़ते निवेश विश्वास का संकेत है।

उन्होंने कहा कि बीकानेर, पाली, किशनगढ़ और जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं, जबकि अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट 2026-27 में औद्योगिक विकास के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की लागत से 3600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। साथ ही सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दो वर्षों में 31 औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए, जबकि पिछली सरकार के पहले दो वर्षों में यह संख्या 16 थी। इसी अवधि में 2,453 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए और 11.61 लाख एमएसएमई इकाइयों की स्थापना हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में राजस्थान देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बना है और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

वहीं उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ जैसे क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Share this story