विश्व प्रसिद्ध महावीर जी का लक्खी मेले पर भगवान महावीर के जयकारों के साथ निकलेगी विशाल रथयात्रा
जयपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। पूरे विश्व को जीओ और जीने दो का संदेश देने वाले, जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2625 वां जन्म कल्याणक महोत्सव (महावीर जयन्ती) पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में शुक्रवार 27 मार्च से शुरू हुए आठ दिवसीय वार्षिक लक्खी मेले में गुरुवार, 2 अप्रैल को मंदिर प्रांगण से विशाल रथयात्रा निकाली जाएगी। जो गम्भीर नदी के तट पर जाएगी, जहां भगवान महावीर के पंचामृत कलशाभिषेक होगें। इससे पूर्व बुधवार को मेले में सामूहिक पूजा, मेला निरीक्षण, सामूहिक आरती, शास्त्र प्रवचन, सांस्कृतिक संध्या एवं राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के आयोजन किए गए।
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं मानद् मंत्री उमरावमल संघी ने बताया कि बुधवार को प्रातः श्री वीर संगीत मण्डल जयपुर के सहयोग से चरण चिन्ह छत्री पर तथा दोपहर में कटला पश्चिमी पाण्डाल में सामूहिक पूजन की गई।
कोषाध्यक्ष एवं प्रचार प्रसार मुख्य संयोजक हेमन्त सोगानी के अनुसार अपरान्ह 4 बजे उप जिला कलेक्टर एवं प्रबन्धकारिणी समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सुधांशु कासलीवाल ने मेले का निरीक्षण किया गया। मार्ग में जगह जगह स्वागत व सम्मान किया गया। सायकांल कटला प्रांगण में भगवान महावीर की संगीतमय आरती की गई। तत्पश्चात शास्त्र प्रवचन में धर्म के सिद्धांत समझाए गए।
रात्रि में कटले के पूर्वी पाण्डाल में महिला जागृति संघ जयपुर द्वारा सांस्कृतिक संध्या हुई जिसमें रंगारंग कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति दी गई। कवि सम्मेलन मुख्य संयोजक विवेक काला ने बताया कि रात्रि में सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ जिसमें हास्य सम्राट अनिल अग्रवंशी दिल्ली, अमित शर्मा (वीर रस)नोएडा, बाबू बंजारा (राजस्थानी गीतकार)बारां, कवयित्री शिखा अवधेश (गीत- गजल)पुणे, कुशल कुशलेन्द्र (हास्य-व्यंगकार एवं संचालन) गाजियाबाद, कवयित्री दीपा सैनी(राजस्थानी, हिंदी गीत )जयपुर, बाल कवयित्री सान्वी जैन दिल्ली, प्रहलाद चांडक (ओजस्वी गीतकार) कैमला, श्री महावीर जी सहित सभी कवियों ने भगवान महावीर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कविता पाठ किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

