काेटा मेडिकल कॉलेज मामला: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- महिलाओं की हालत की वजह सामने आए
कोटा, 17 जून (हि.स.)। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत और कई महिलाओं की किडनी प्रभावित होने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को एसएसबी ब्लॉक पहुंचे। उन्होंने भर्ती महिलाओं की सेहत की जानकारी ली और पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा।
गहलोत ने कहा कि कुछ महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य महिलाएं अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी प्रभावित हुई है और उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मरीज गरीब परिवारों से हैं और उनके सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक मृत महिलाओं की एफएसएल रिपोर्ट नहीं आई है और डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने में चार से छह महीने लग सकते हैं। उन्होंने मांग की कि इस रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर जल्द मंगवाया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डिलीवरी के बाद महिलाओं की ऐसी गंभीर स्थिति आखिर क्यों हुई।
गहलोत ने कहा कि अगर निजी अस्पतालों में भी समान दवाइयां और उपचार पद्धति अपनाई जाती हैं, तो वहां ऐसी स्थिति क्यों नहीं बनी? सरकारी अस्पताल में ही यह गंभीर संकट क्यों पैदा हुआ? उन्होंने कहा कि सरकार को मामले की तह तक जाकर इलाज, दवाइयों की गुणवत्ता और मरीजों की देखभाल में हुई संभावित कमियों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि मरीजों और परिजनों का भरोसा बढ़ाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर ब्रांडेड दवाइयां उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की।
गहलोत ने कहा कि यदि बीमारी के सही कारणों का पता नहीं चल पा रहा है, तो दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञों से तत्काल सलाह ली जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रेफर करने पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने चिकित्सा मंत्री के विवादित बयान पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री को संवेदनशील भाषा का प्रयोग करना चाहिए। यदि बयान किसी गलतफहमी में दिया गया है तो उस पर स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किया जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजेंगे और आग्रह करेंगे कि इस गंभीर प्रकरण को विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ लिया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

