रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी से जान को खतरा, रेल परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करने का आह्वान

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रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी से जान को खतरा, रेल परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करने का आह्वान


काेटा, 09 जनवरी (हि.स.)। रेल परिचालन 25,000 वोल्ट उच्च विद्युत प्रवाह वाली ओवरहेड विद्युत लाइनों के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिनमें चौबीसों घंटे करंट प्रवाहित रहता है। रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी के दौरान यदि पतंग का मांझा इन विद्युत तारों में उलझ जाए, तो गीला, धातु युक्त अथवा चाइनीज मांझा करंट का माध्यम बनकर सीधे व्यक्ति तक पहुँच सकता है, जो गंभीर दुर्घटना अथवा जानलेवा सिद्ध हो सकता है। पूर्व में इस प्रकार की घटनाएं घटित हो चुकी हैं।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक /जन सम्पर्क अधिकारी, कोटा साैरभ जैन के अनुसार मकर संक्रांति एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोटा मंडल रेल प्रशासन आमजन से अपील करता है कि रेल पटरियों, स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों एवं अन्य रेल परिसरों के आसपास पतंगबाजी न करें। इससे न केवल जनहानि का खतरा रहता है, बल्कि पतंग एवं मांझे के विद्युत तारों में उलझने से रेल संचालन बाधित होने और यात्री सेवाओं में विलंब की आशंका भी रहती है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल को आबादी वाले रेल क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षित एवं आनंदमय पर्व मनाने हेतु रेलवे परिसरों से दूर, खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही पतंगबाजी करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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