चांदी के रथ पर दर्शन देने निकले खाटू के श्याम, भक्तों पर बरसा आशीर्वाद
सीकर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। फाल्गुन मेले के सबसे बड़े दिन शुक्रवार को बाबा खाटूश्यामजी 125 किलो चांदी से बने भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रथ पर सवार बाबा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु खाटू पहुंचे। रथयात्रा के दौरान पूरा शहर “हारे का सहारा-बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से गूंज उठा।
फाल्गुनी एकादशी पर निकलने वाली यह रथयात्रा करीब 350 वर्षों से चली आ रही परंपरा है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु भीड़ के कारण मंदिर में दर्शन नहीं कर पाते, उन्हें दर्शन देने स्वयं बाबा श्याम नगर भ्रमण पर निकलते हैं। सुबह 11:15 बजे मंदिर प्रांगण से रवाना हुआ रथ कबूतर चौक, हॉस्पिटल चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंचा। रथ पर श्रीश्याम मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एवं सेवक परिवार मौजूद रहे।
पिछले वर्ष नोखा (बीकानेर) में तैयार किए गए इस रथ के निर्माण में एक महीने से अधिक समय लगा था। प्रतिदिन आठ कारीगरों ने मेहनत कर इसे तैयार किया।
रथयात्रा के दौरान रथ से श्रद्धालुओं में चॉकलेट और फल वितरित किए गए। इन्हें पाने के लिए भक्तों में जबरदस्त उत्साह रहा। बाबा के रथ को खींचने के लिए भी होड़ मची रही। चंग की धुन पर भक्त झूमते-गाते हुए गुलाल उड़ाते नजर आए और होली के रंगों में सराबोर हो गए। रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए। पुलिस की कई टुकड़ियों के साथ क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात रही। एसपी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते रहे।
21 फरवरी से शुरू हुए फाल्गुन मेले का समापन 28 फरवरी को होगा। गुरुवार तक 10.86 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार रथयात्रा में भीड़ कुछ कम रही।
श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को मंदिर में पूरे दिन दर्शन बंद रहेंगे। 4 मार्च की रात 10 बजे से दर्शन बंद होंगे और 5 मार्च को तिलक एवं विशेष सेवा-पूजा के बाद शाम 5 बजे पुनः दर्शन शुरू होंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

