संविदा कर्मी दीपक चरवाल प्रकरण में खाचरियावास ने सरकार को घेरा
जयपुर, 12 जून (हि.स.)। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े संविदा कर्मी दीपक चरवाल की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सरकार की गलत और संवेदनहीन नीतियों का परिणाम है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद खाचरियावास एसएमएस अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद संविदा कर्मचारियों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मी दीपक चरवाल की आत्मदाह की घटना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और चिंताजनक है। उनका आरोप है कि संविदा कर्मियों को हटाने के सरकारी फैसले और रोजगार की अनिश्चितता ने हजारों कर्मचारियों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। दीपक भी अपने भविष्य और नौकरी को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का काम भाजपा सरकार ने किया है। सरकार की नीतियों के कारण कर्मचारियों में निराशा और असुरक्षा का माहौल है, जिसके चलते एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दीपक चरवाल के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने संविदा कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
खाचरियावास ने कहा कि सरकार को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। प्रदेश के लाखों कर्मचारी भय और असुरक्षा के माहौल में काम कर रहे हैं और उनकी चिंताओं का समाधान करने के बजाय उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीपक चरवाल को न्याय मिले और संविदा कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।” साथ ही सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

