केकड़ी में जनसुनवाई केंद्र के ताले को लेकर सियासी गतिरोध खत्म

WhatsApp Channel Join Now
केकड़ी में जनसुनवाई केंद्र के ताले को लेकर सियासी गतिरोध खत्म


अजमेर, 23 सितंबर (हि.स.)। केकड़ी नगर पालिका भवन में संचालित विधायक जनसुनवाई केंद्र को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच शुरू हुआ राजनीतिक विवाद बुधवार को दूसरे दिन सात दिन में केंद्र का कक्ष खाली कराने के प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इसके साथ ही नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने भूख हड़ताल और कांग्रेस ने धरना समाप्त कर दिया।

पालिकाध्यक्ष के कक्ष पर लगे ताले खुलवाने और विधायक जनसुनवाई केंद्र के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कक्ष को खाली कराने की मांग को लेकर कांग्रेस के नवनिर्वाचित पालिका बोर्ड ने मंगलवार से नगर पालिका परिसर के बाहर धरना शुरू किया था। बुधवार को भी कांग्रेस पार्षद और कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। प्रशासन की ओर से समझाइश के कई दौर के बाद सात दिन में जनसुनवाई केंद्र खाली कराने का आश्वासन दिया गया।

इसके बाद अजमेर देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास चौधरी ने धरना स्थल पर पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल को ज्यूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई। कांग्रेस ने भी धरना समाप्त कर दिया।

धरना स्थल पर पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा सहित कांग्रेस पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे। डॉ. शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित पालिकाध्यक्ष के कक्ष पर ताला लगाकर सत्ता का अहंकार दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ताला लगाना है तो भ्रष्टाचार, बजरी माफिया और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर लगाया जाए। शर्मा ने केकड़ी को दोबारा जिला बनाने का दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में विधायक बनने के छह माह के भीतर केकड़ी को फिर जिला बनाया जाएगा और ऐसा नहीं कर पाने पर राजनीति छोड़ देंगे।

पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से बोर्ड चुना है और निर्वाचित बोर्ड को उसके कार्यालय में प्रवेश नहीं देना जनादेश का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि सात दिन में जनसुनवाई केंद्र खाली कर पालिकाध्यक्ष के कक्ष के ताले नहीं खोले गए तो कांग्रेस फिर आंदोलन करेगी।

विवाद को देखते हुए नगर पालिका परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील और पुलिस उपाधीक्षक मनोज गुप्ता सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अजमेर जिले के विभिन्न थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

बुधवार को प्रशासन की ओर से तत्काल ताले नहीं खुलवाए जाने के बाद कांग्रेस ने केकड़ी बंद का आह्वान किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजारों में दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील की। शहर के कुछ बाजारों में कुछ समय के लिए दुकानें बंद रहीं, जबकि अधिकांश बाजारों में बाद में दुकानें खुल गईं। बंद का असर मिला-जुला रहा।

मंगलवार शाम नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस का नवनिर्वाचित बोर्ड पालिका परिसर पहुंचा था। विधायक जनसुनवाई केंद्र के रूप में उपयोग किए जा रहे कक्ष को पालिकाध्यक्ष के लिए उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बोर्ड धरने पर बैठ गया था। रातभर धरना जारी रहने के बाद बुधवार को प्रशासन के सात दिन में कक्ष खाली कराने के आश्वासन पर गतिरोध समाप्त हुआ।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

Share this story