सात दिवसीय विरासत कला उत्सव 22 मार्च से
जोधपुर, 20 मार्च (हि.स.)। जोधपुर की धरती पर सात दिवसीय विरासत कला उत्सव का आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में 22 से 28 मार्च तक शाम सात बजे से प्रतिदिन अलग अलग विधाओं के कार्यक्रम होंगे।
अकादमी सचिव गोमती शर्मा ने बताया कि विरासत कला उत्सव में भारतीय संस्कृति की विविध कलाओं का दर्शक रुबरु होकर अद्भुत प्रदर्शन देख सकेंगे। खुले आकाश तले बनाए जा रहे भव्य मंच पर राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से बहुत सारी विधाएं उत्सव के बहुरंग बिखेरने जा रही हैं। इसमें 22 मार्च को उत्सव के तहत पहले दिन वाराणसी उत्तर प्रदेश की सुश्री हीना नाज का कव्वाली गायन होगा।
अगले दिन 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों के कवि अपनी कविताओं सुनाएंगे। इसके तहत राजस्थान से महेश डांगर, मनोज गुर्जर, उत्तर प्रदेश से अमित कुमार यश, दिल्ली से रसिक गुप्ता, मध्य प्रदेश से रामकिशोर उपाध्याय, प्रयागराज से श्लेष गौतम और हरियाणा से उपेंद्र पांडेय अपनी कविताओं के रंग बिखरेंगे। विरासत कला उत्सव में 24 मार्च को शास्त्रीय नृत्य और गायन में नई दिल्ली की रेखा महेश और चित्रा चौरसिया व प्रभाकर दयाल का शास्त्रीय नृत्य और गायन होगा।
कार्यक्रम के तहत 25 मार्च को मध्य प्रदेश सागर की निधि चौरसिया, राजस्थान जयपुर की वैशाली सुरोलिया दल, चमोली से दिनेश कुमार दल, रोहतक हरियाणा से शीशपाल दल, मणिपुर से रानिता देवी दल और आसाम से बिस्वतोष देव दल लोकनृत्यों की छटा बिखेरेंगे।
उत्सव के अवसर पर 26 मार्च को प्रख्यात भारतीय तबला वादक पद्मश्री विजय घाटे गायन, वादन और नृत्य की तीनों धाराओं त्रिधा का अद्भुत प्रदर्शन करेंगे।विजय घाटे को वर्ष 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
उत्सव में 27 एवं 28 मार्च को बीकानेर की कल्पना संगीत थियेटर संस्था और गोरखपुर की दर्शन संस्था नाटक की प्रस्तुति करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

