शैक्षिक महासंघ ने सरकार के खिलाफ किया आंदोलन का शंखनाद
जोधपुर, 11 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने सरकारी नीतियों और विभागीय कामकाज में देरी के विरोध में आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा ने बताया कि संगठन के लगातार प्रयासों के बावजूद आवश्यक निर्णय समय पर नहीं लिए जा रहे हैं, जिससे संगठन को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
जोधपुर के जिलाध्यक्ष भरत सिंह खुडख़ुडिय़ा और जिलामंत्री सुभाष बिश्नोई ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के प्रतिनिधि मंडल ने क्रमिक आंदोलन की रूपरेखा घोषित की।
लूणी ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने कहा कि आंदोलन की वजहें कई हैं, जिनमें शिविरा पंचांग में संशोधन, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण, 2019 से अब तक पदोन्नति और पद स्वीकृति, स्टाफिंग पैटर्न लागू करना, आरजीएचएस संचालन, वेतन विसंगति सुधारना, संविदा शिक्षकों का नियमित करना तथा संगठन के अन्य मांग पत्र अनुसार परिणाम नहीं मिलना शामिल हैं।
लूणी ब्लॉक मंत्री अशोक विश्नोई ने बताया कि संगठन 14 मई को खंड स्तर, 29 मई को जिला स्तर, 5 जून को बीकानेर निदेशालय और 10 जून को जयपुर संभाग स्तर पर धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपेगा। इसके बाद 18 जून से प्रदेश स्तरीय क्रमिक धरना प्रदर्शन शुरू होगा और मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अशोक विश्नोई ने चेतावनी दी कि यदि विभाग अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करता और विसंगतियों का शीघ्र निराकरण नहीं करता है, तो महासंघ विद्यार्थी और शिक्षक हितों के लिए प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

