नौ दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति

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नौ दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति


जोधपुर, 24 मार्च (हि.स.)। कथा जो सकल लोक हितकारी, जेहि पूछन चहुं सैलकुमारी के भावपूर्ण आधार पर कथाव्यास आचार्य रामानुज महाराज द्वारा वाचन की गई नौ दिवसीय श्रीराम कथा का मंगलवार को भक्तिभाव के साथ समापन हुआ।

यह आयोजन भारत माता मंदिर के संस्थापक, पद्मभूषण सम्मानित निवृत्त शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानन्दगिरि की पावन स्मृति में, जोधपुर स्थित भारत समन्वय धाम में भगवान लक्ष्मीनारायण एवं मनकामेश्वर मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया।

कथा का शुभारम्भ 16 मार्च को हुआ था, जो आज विधिवत विराम के साथ पूर्ण हुई। समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं समन्वय परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस नौ दिवसीय श्रीराम कथा में कथाव्यास आचार्य रामानुजी महाराज ने गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के आधार पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र का सजीव वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने श्रीराम, सीताजी एवं लक्ष्मणजी के वनवास प्रसंगों को ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य की प्रतिमूर्ति के रूप में प्रस्तुत करते हुए मानव जीवन के लिए आध्यात्मिक संदेश प्रदान किया।

कथा के विभिन्न प्रसंगों में श्रीराम जन्म, राम विवाह, वनवास, सीता हरण, लंका विजय एवं अयोध्या में राज्याभिषेक की दिव्य झांकियों का मनोहारी चित्रण किया गया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। समापन अवसर पर ट्रस्ट के घनश्याम सोनी एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा कथाव्यास का स्वागत एवं सम्मान किया गया। साथ ही संस्था के पदाधिकारियों ने विशिष्ट अतिथियों, मंदिर पुजारियों एवं कर्मचारियों का अभिनंदन करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन का मंच संचालन ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुनाथसिंह सांखला द्वारा किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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