40 वर्ष बाद सहमति बनी, जोधपुर जिले में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में हुआ खातेदारी भूमि का बँटवारा

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40 वर्ष बाद सहमति बनी, जोधपुर जिले में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में हुआ खातेदारी भूमि का बँटवारा


जोधपुर, 16 जून (हि.स.)। जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील में देवीगढ़ निवासी खातेदार मीरादेवी पत्नी रूपसिह, पुखसिंह पुत्र रूपसिंह व नगसिंह पुत्र पाबूदान सिंह के बीच लम्बे समय से भूमि विवाद था। साझे की भूमि पर सहमति नहीं होने से बंटवारा नहीं हो पा रहा था। रिश्तेदारों के प्रयास से सहमति बनी तो पटवारी, तहसीलदार के कार्यालय में जाने लगे लेकिन कभी इस कारण तो कभी उस कारण, बंटवारा नहीं हो पा रहा था।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसे ही लोगों की परेशानी दूर करने के लिए वन स्टॉप सेंटर के रूप में ग्रामीण सेवा शिविर—2026 अभियान चलवाया है। इन खातेदारों को जब देवीगढ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित होने वाले शिविर की जानकारी मिली तो वे शिविर में पँहुचे। उन्होने तीनों की सहमति से बँटवारे के बारे में कैम्प प्रभारी तहसीलदार को बताया। तहसीलदार ने रेकार्ड का अवलोकन कर पटवारी हल्का को सहमति से विभाजन का प्रकरण तैयार प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। पटवारी हल्का ने हाथों—हाथ विभाजन प्रकरण तैयार कर तहसीलदार को प्रस्तुत किया। तहसीलदार ने सहमति लेकर विभाजन प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया एवं पटवारी को नामान्तकरण दर्ज करने के निर्देश प्रदान किये। कैम्प में विधायक बाबूसिंह के साथ उपखण्ड अधिकारी विक्रांत शर्मा मौजूद रहे। इस पर मीरादेवी, पुखसिंह और नगसिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया तथा बताया कि बड़ी मुश्किल से सहमति बनी थी लेकिन कार्यालयों के चक्कर काटते—काटते थक गये थे। फिर 40 साल से जो विवाद था, आज हल नहीं होता तो शायद कभी समाधान नहीं हो पाता। इससे भविष्य में लड़ाई—झगड़े की भी आशंका थी। शिविर में शांति से समाधान हो गया और सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे ही गांव में हो गया। कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। इसके लिए मुख्यमंत्री को फिर से धन्यवाद,आभार।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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