जोधपुर में गुरुवार से बंद रहेगी शराब की दुकानें : जिला कलेक्टर को सौंपेंगे दुकानों की चाबियां
जोधपुर, 18 मार्च (हि.स.)। जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में शराब दुकानदारों और पुलिस के बीच विवाद गहराता जा रहा है। बढ़ते विवाद के बीच लिकर कॉन्ट्रेक्टर यूनियन ने बड़ा फैसला लेते हुए 19 मार्च से अनिश्चितकाल के लिए शराब की दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है। यूनियन ने पुलिस पर बेवजह परेशान करने और कारोबार में दखल देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों ने निर्णय लिया है कि वे गुरुवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी दुकानों की चाबियां जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।
यूनियन अध्यक्ष तेजाराम चौधरी ने बताया कि वर्तमान हालात में दुकानों का संचालन करना संभव नहीं रह गया है। एक ओर राज्य सरकार गारंटी के नाम पर राजस्व वसूली का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का रवैया दुकानदारों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इससे दुकानों की बिक्री पर सीधा असर पड़ा है और अधिकांश दुकानें घाटे में चल रही हैं। दुकानदारों का आरोप है कि पुलिस शराब दुकानों के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। ग्राहकों की गाडिय़ों के चालान बनाए जा रहे हैं और कई मामलों में उन्हें शांतिभंग के आरोप में पकडक़र बंद भी किया जा रहा है। इससे ग्राहकों में भय का माहौल बन गया है और वे दुकानों तक आने से बच रहे हैं। इसके अलावा पुलिस निर्धारित समय से पहले ही दुकानों के बाहर खड़ी हो जाती है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों ने पुलिस पर मनमाना व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
बता दे कि आबकारी विभाग के अनुसार जोधपुर जिले में कुल 380 लाइसेंसशुदा शराब की दुकानें हैं, जिनमें से 222 दुकानें कमिश्नरेट क्षेत्र में संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से सरकार को करीब 1126 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में दुकानों के बंद होने से राजस्व पर भी बड़ा असर पडऩे की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

