जैन समाज का चातुर्मास 28 जुलाई से
जोधपुर, 07 जुलाई (हि.स.)। तप, जप, ज्ञान, ध्यान और आराधना का पर्व जैन धर्म का महान आत्मशुद्धि पर्व चातुर्मास इस वर्ष 28 जुलाई से आरंभ होगा। चातुर्मास के आगमन को लेकर समस्त जैन समाज में उत्साह का माहौल है और समाज के लोग अपने-अपने स्तर पर धार्मिक आयोजनों एवं व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
श्री महावीर शासन स्थापना महोत्सव समिति के राष्ट्रीय महामंत्री धनराज विनायकिया ने बताया कि जैन संप्रदाय के आचार्य, साधु एवं साध्वीवृंद लगभग आठ माह तक पैदल विहार करते हुए तीर्थंकर परमात्मा के बताए मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। वर्तमान में साधु-साध्वीवृंद भीषण गर्मी के बावजूद निर्धारित चातुर्मास स्थलों की ओर अग्रसर हैं और आसपास के क्षेत्रों में विचरण करते हुए शुभ मुहूर्त एवं निर्धारित तिथि के अनुसार चातुर्मास मंगल प्रवेश करेंगे। विनायकिया ने बताया कि आषाढ़ सुदी चतुर्दशी एवं पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाला चातुर्मास 28 एवं 29 जुलाई से कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा। इस दौरान मूर्तिपूजक, दिगंबर, स्थानकवासी, तेरापंथी सहित जैन धर्म के सभी संप्रदायों के आचार्य, साधु-साध्वी, श्रावक एवं श्राविकाएं धार्मिक साधना, आत्म जागृति और कल्याण के लिए विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री धनराज विनायकिया ने साधु-साध्वीवृंद के पद विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि धर्म मार्ग पर अग्रसर संतों की यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

