अग्निकांड में झुलसे एक फायर फाइटर का निधन : परिजन ने किया शव को उठाने से इनकार

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जोधपुर, 26 सितम्बर (हि.स.)। बासनी औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक कॉलोनी स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में बुधवार शाम को हुई अग्निकांड में झुलसे एक फायर फाइटर प्रीतेश प्रजापत का सुबह एमजी अस्पताल में निधन हो गया। उसके निधन के खबर फैलते ही परिजन में आक्रोश फैल गया और वे शव को उठाने से इनकार कर दिया। इधर सुबह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एमजी अस्पताल पहुंच कर घायलों की कुशलक्षेम पूछने के साथ उनके परिजन से मुलाकात की। शेखावत के अस्पताल पहुंचने के समय अस्पताल अधीक्षक फतेह सिंह भाटी और स्टाफ भी मौजूद रहा। आवश्यक दिशा निर्देश भी केंद्रीय मंत्री ने दिए।

बता दें कि झुलसे 6 फायर फाइटर्स को गुरूवार को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर भेजा गया था। फैक्ट्री में आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में ब्लास्ट से फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें से 6 फायर फाइटर्स को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से महात्मा गांधी हॉस्पिटल से जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया है। एंबुलेंस में हर मरीज के साथ एक-एक डॉक्टर और एक-एक नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा। इधर फैक्ट्री मालिक के पुत्र को बासनी पुलिस ने शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस संबंध में मानव जीवन संकट में डालने का केस दर्ज किया था।

महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर फतेहसिंह भाटी ने बताया कि अभी 12 लोगों का इलाज चल रहा है। मोहम्मद हनीफ, प्रकाश, जोगाराम, आशिक खान, प्रेम तम्बोली और अविनाश को जयपुर भेजा गया है। वहीं महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती अन्य सात लोगों में 3 वेंटिलेटर और 4 ऑक्सीजन पर हैं। जब झुलसे हुए 6 फायर फाइटर्स को शिफ्ट किया जा रहा है, उस दौरान इनमें से एक की मां बेसुध हो गई।

वहीं थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि आग की घटना के बाद फैक्ट्री मालिक चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 11 निवासी स्पर्श पुत्र राजेंद्र को फिलहाल शांतिभंग में पकड़ा गया है। श्रमिक कॉलोनी में आवासीय क्षेत्र में इस फैक्ट्री को संचालित किया जा रहा था। आरोपित का पिता फरार है और बेटा पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है।

हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में ब्लास्ट के बाद आसपास रहने वाले लोगों को घर खाली कर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा है। रात रिश्तेदारों के ही बिताई। गुरुवार सुबह लोग घरों पर वापस आए तो आसपास के इलाकों में केमिकल की गंध इतनी ज्यादा है कि घर के पास खड़े भी नहीं हो पाए। परिवारों को वापस रिश्तेदारों के पास भेजना पड़ा।

वहीं घटना के आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करवाया गया है। आग की वजह से फैक्ट्री से सटे मकानों की दीवारों में दरारें आ गई। ब्लास्ट इतना भयंकर था कि फैक्ट्री के आरसीसी की छत तक टूटकर गिर गई। आग लगने के बाद सभी घरों को खाली करवा दिया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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