एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को पकडऩे पर गर्मायी सियासत

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एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को पकडऩे पर गर्मायी सियासत


टीकाराम जूली सहित कई कांग्रेस नेताओं ने जताई नाराजगी, भाजपा सरकार पर बोला हमला

जोधपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि वापस लेने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एनएसयूआई के चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के छठे दिन गुरुवार रात को पुलिस ने एक्शन लिया। पुलिस ने धरनार्थियों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी में डालकर ले गए। छात्रों को हिरासत में पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने नाराजगी जताई। टीकाराम जूली ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि अमीरों की जागीर बनाना चाहती है।

बता दें कि जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि वापस लेने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एनएसयूआइ की ओर से 6 दिन से धरना चल रहा था। इस पर पुलिस ने गुरुवार सुबह एनएसयूआई को नोटिस दिया था कि वे बगैर सक्षम अनुमति के धरना दे रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी यात्रा और शहर में धारा-163 लगी होने की वजह से वे ऐसा नहीं कर सकते। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन दिया लेकिन पुलिस नहीं मानी और रात को कार्रवाई कर दी।

इस कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा कि जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में अघोषित फीस वृद्धि एवं विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों को गिरफ्तार करना भाजपा सरकार की तानाशाही है। मैं इस दमनात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश, गांवों और ढाणियों से आते हैं। ऐसे में अघोषित फीस वृद्धि आर्थिक रूप से कमजोर, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि अमीरों की जागीर बनाना चाहती है। लोकतंत्र में अपनी मांगों को उठाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन भाजपा सरकार हर आवाज़ को लाठी, गिरफ्तारी और दमन से कुचलना चाहती है। छात्र अपने भविष्य की चिंता कर रहे हैं और सरकार उन्हें संवाद के बजाय जेल भेजने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों पर फीस का अतिरिक्त बोझ डालकर उनके सपनों को कुचलने का काम ना करें। जूली ने मुख्यमंत्री से अघोषित फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा करने की मांग की।

संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने भी एक्स पर लिखा कि पुलिस प्रशासन द्वारा तानाशाही तरीके से इस प्रकार छात्रहितों के लिए संघर्षरत हृस्ढ्ढ के पदाधिकारियों एवं छात्रों को गिरफ्तार करना सरकार की छात्र एवं जन विरोधी मानसिकता उजागर करता है। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश, गांवों और ढाणियों से आते हैं। ऐसे में यह अघोषित फीस वृद्धि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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