जेएनवीयू में पेंशनर्स पूरे पांच माह की पेंशन के भुगतान पर अड़े
कुलगुरु ने दिया एक माह की पेंशन के भुगतान का आश्वासन, जारी रहेगा धरना-प्रदर्शन
जोधपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कर्मचारियों ने पांच महीने की पेंशन भुगतान की मांग को लेकर 9वें दिन भी धरना दिया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. कुमार शर्मा ने धरनास्थल पर पहुंचकर रिटायर्ड कर्मचारियों से बातचीत की। साथ ही उन्हें समय पर पेंशन भुगतान का आश्वासन दिया।
कुलगुरु प्रो. कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले सात-आठ महीनों में विश्वविद्यालय ने करीब 61 करोड़ रुपये का पेंशन भुगतान किया है। यह भुगतान विश्वविद्यालय की अतिरिक्त आय से किया गया है। इसके लिए न तो कोई लोन लिया गया है और न ही सरकार से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता मिली है। लीव इनकैशमेंट का पूरा भुगतान किया जा चुका है, जबकि 7वें वेतन आयोग के एरियर का भी पूरा भुगतान कर दिया गया है। ग्रेच्युटी का भुगतान भी उपलब्ध संसाधनों के अनुसार किया जा रहा है।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे रिटायर्ड कर्मचारियों के भुगतान को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कुलगुरु ने कहा कि जैसे ही विश्वविद्यालय के पास पेंशन भुगतान के बराबर वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध होगी। पेंशन की राशि जारी कर दी जाएगी। वहीं त्योहारों को देखते हुए विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली राशि से जल्द पेंशन भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. कुमार शर्मा ने जेएनवीयू की वित्तीय स्थिति पर कहा कि एमबीएम विश्वविद्यालय के गठन के बाद इंजीनियरिंग फैकल्टी अलग होने से जेएनवीयू के करीब 50 करोड़ रुपये के सालाना राजस्व के स्रोत प्रभावित हुए। वहीं जेएनवीयू से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की करीब 18 करोड़ रुपए सालाना पेंशन देनदारी विश्वविद्यालय पर बनी हुई है। इससे वित्तीय असंतुलन की स्थिति पैदा हुई है। कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में सरकार को रिप्रेजेंटेशन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि राजस्व के पुराने स्रोत और पेंशन की देनदारी के बीच संतुलन स्थापित हो जाए तो विश्वविद्यालय की वित्तीय समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। वहीं पेंशनर्स सोसाइटी के संयोजक अशोक व्यास ने कहा कि कुलगुरु ने रक्षाबंधन से पहले केवल एक महीने की पेंशन देने का आश्वासन दिया है। हमारी पांच महीने की पेंशन बकाया है। जब तक पांच महीने की पूरी पेंशन नहीं मिल जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं धरने- प्रदर्शन में शैक्षणिक, अशैक्षणिक और पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर शामिल हुए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

