पट्टे की मांग को लेकर जेडीए नागरिक सेवा केंद्र पर धरना, आश्वासन के बाद मामला शांत
जयपुर, 18 जून (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के नागरिक सेवा केंद्र में गुरुवार को शहरी सेवा शिविर के दौरान पट्टे की मांग को लेकर एक बुजुर्ग व्यक्ति धरने पर बैठ गया। बुजुर्ग का आरोप था कि वह पिछले दो वर्षों से पट्टा जारी कराने के लिए जेडीए के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसकी सुनवाई नहीं हुई है। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप और शीघ्र कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
पीआरएन क्षेत्र के लिए आयोजित शहरी सेवा शिविर के दौरान मानसरोवर निवासी श्याम शर्मा नागरिक सेवा केंद्र पहुंचे थे। उनका कहना था कि सरकार द्वारा शहरी सेवा शिविर शुरू किए जाने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनका लंबित पट्टा प्रकरण निस्तारित हो जाएगा, लेकिन कई घंटों तक प्रयास के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। अपनी समस्या के समाधान नहीं होने से वे नाराज हो गए और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। इसके बाद वे नागरिक सेवा केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए और जेडीए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ अन्य लोग भी उनके समर्थन में धरने पर बैठ गए।
धरने और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बुजुर्ग और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी तथा संबंधित फाइल का परीक्षण कर शीघ्र पट्टा जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि जेडीए में आमजन की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जटिल हो गई है। उनका कहना था कि अधिकारियों से सीधे मिलकर अपनी बात रखना पहले की तुलना में कठिन हो गया है तथा पास व्यवस्था और समय संबंधी प्रतिबंधों के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार आमजन को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न शिविरों का आयोजन कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं होने के कारण लोगों में असंतोष देखने को मिल रहा है। घटना के दौरान नागरिक सेवा केंद्र के बाहर करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन और बातचीत का दौर चला।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

