सर्किल हटाना सही या गलत, जांच में जुटा जेडीए
जयपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण ने आमजन को जाम से बचाने के लिए हाल ही में कुछ स्थानों पर सर्किल हटाकर उन्हें चौराहे में तब्दील किया था। यातायात संचालक के लिए जेडीए ने यहां पर बत्ती सिस्टम चालू किया है। यह फैसला आमजन के लिए कितना सही या गलत इसकों लेकर जेडीए ने जांच शुरू कर दी है। सर्किल हटाने के बाद जाम ज्यादा लग रहा है तो जेडीए अपने इस फैसलें का रिव्यू करेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जेडीए ने एपेक्स सर्किल, चौंमू हाउस और सतीश चंद्र सर्किल पर यातायात जाम को लेकर पिछले दिनों सर्वे किया था। इसके बाद पुलिस की मदद से अलग-अलग तरीके से प्रयोग कर यातायात का संचालन भी किया गया। इन सभी के बाद पुलिस और जेडीए अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद आमजन को जाम से राहत देने के लिए सर्किल हटाकर वहां पर चौराहा बनाया था। इन चौराहे पर यातायात संचालन के लिए ट्रेफिक लाइट लगाने के साथ अन्य जरुरी सुधारात्मक काम करवाए गए थे। अब जेडीए पूर्व में लिए फैसलें का रिव्यू करने जा रहा है। जेडीए अब इन चौराहों का फिर से सर्वे करवा रहा है कि यहां पर पीक टाइम में कितना जाम लग रहा है। सर्वे में यह पाया जाता है कि इन चौराहों पर पहले से ज्यादा जाम लग रहा है तो जेडीए फिर से अपने फैसले का रिव्यू कर सकता है।
एपेक्स सर्किल पर पहले से ज्यादा लग रहा समय
मालवीय नगर में स्थित अपेक्स सर्किल पहले हरा-भरा था और यहां पर लगे पेड़-पौधे पक्षियों का डेरा बना हुआ था, लेकिन जेडीए ने उसे उजाड़ दिया। अब वर्तमान में यह चौराहा बना हुआ है और यातायात संचालन के लिए जेडीए ने यहां पर ट्रेफिक लाइट लगा दी। ट्रेफिक लाइट लगाने के बाद अपेक्स चौराहे पर पीक टाइम में पहले से ज्यादा जाम लगता है। विशेष बात यह है कि अब जगतपुरा से मालवीय नगर की तरफ और झालाना से औद्योगिक एरिए की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को जाम से ज्यादा जूझना पड़ता है जबकि सर्किल के दौरान ऐसा नहीं था।
हरियाली और यातायात व्यवस्था को समझने दिल्ली पहुंचा जेडीए का दल
सड़कों की हरियाली और यातायात व्यवस्था को समझने के लिए जेडीए का एक दल दिल्ली गया है। इस दल में एसई अजय प्रताप सिंह , एक्सईएन दीपक अग्रवाल, अमृत सिंह, हनुमान मीणा, वरिष्ठ उद्यानविज्ञ अब्दुल मजीद और उनका दल गया है। यह दल दिल्ली की यातायात व्यवस्था के संचालक , फ्लाईओवर, अंडरपास सहित सड़कों पर जाम सहित अन्य व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा। इसके अलावा वहां पर वातावरण शुद्धता के साथ सड़कों के सौदर्यकरण के लिए किस प्रकार के पौधे लगाए गए है इन सब का अध्ययन करेंगे। इसके बाद इन सब को लेकर जयपुर में काम किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

