जयपुर में नृसिंह जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई
जयपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। वैशाख कृष्ण चतुर्दशी के अवसर पर भगवान नृसिंह भगवान के प्राकट्योत्सव को शहरभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। त्रिवेणी धाम, पुरानी बस्ती, टांसपोर्ट नगर, पांच बत्ती चौराहा और सिटी पैलेस के पास स्थित मंदिरों में दिनभर धार्मिक आयोजन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह मंदिरों में भगवान का पंचामृत से अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। श्रद्धालुओं ने व्रत-पूजन के साथ दान-पुण्य कर अनाज, तिल, वस्त्र सहित विभिन्न सामग्री का दान किया। दिनभर भजन-कीर्तन, मंत्रजप और हवन-पूजन का क्रम चलता रहा तथा सूर्यास्त के समय विशेष पूजा-अर्चना के साथ महाआरती की गई।
चांदपोल बाजार स्थित श्री नृसिंह जी अग्रवाल पंचायत मंदिर में महंत मनमोहन शर्मा के सान्निध्य में अभिषेक कर भगवान का श्रृंगार किया गया। समिति पदाधिकारियों ने आरती उतारी और छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। पुरानी बस्ती स्थित बंसी वाले बाबा की बगीची में नृसिंह जयंती एवं पाटोत्सव के तहत 501 लीटर पंचामृत, पंचगव्य, फलों के रस और देशभर के 20 से अधिक तीर्थों के जल से अभिषेक किया गया। भगवान नृसिंह देव एवं हनुमान जी को 1156 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। संत रामरिछपाल दास महाराज के सान्निध्य में हवन, कीर्तन और महाआरती का आयोजन हुआ। शाम को आतिशबाजी और भगवान के खंभ फाड़कर प्रकट होने की जीवंत झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर के बाहर पारंपरिक नृसिंह लीला का मंचन हुआ, जबकि हाथोज धाम में 400 वर्ष प्राचीन शालिग्राम स्वरूप का विशेष अभिषेक किया गया।परकोटे के आराध्य देव श्री गोविंद देवजी मंदिर में भी नरसिंह चतुर्दशी उत्साहपूर्वक मनाई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक, विशेष श्रृंगार और विभिन्न भोग अर्पित किए गए।
मानसरोवर स्थित श्री गिरिधारी दाऊजी मंदिर में नरसिंह यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें 11 दंपत्तियों ने भाग लिया। कथा व प्रवचन में भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकशिपु की कथा सुनाई गई, जिसमें भगवान के भक्तों की रक्षा के संदेश को उजागर किया गया।
वहीं गुप्त वृंदावन धाम में संकटहरण नरसिंह यज्ञ और तीन दिवसीय कथा का समापन हुआ। मंदिरों में दिनभर हरिनाम संकीर्तन और सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

