पीआरएन (दक्षिण) जोन 18 एवं 19 में 429 दुकानों-मकानों के स्वामियों को नोटिस

WhatsApp Channel Join Now
पीआरएन (दक्षिण) जोन 18 एवं 19 में 429 दुकानों-मकानों के स्वामियों को नोटिस


जयपुर, 25 अगस्त (हि.स.)।

जयपुर विकास प्राधिकरण

द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ के आदेश की अनुपालना में पीआरएन (दक्षिण) जोन 18 एवं 19 से संबंधित 429 दुकानों एवं मकानों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण की ओर से संबंधित प्रवर्तन अधिकारी, जोन पीआरएन (दक्षिण) 18 एवं 19 के माध्यम से न्यायालय में अतिरिक्त शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ 429 दुकानों एवं मकानों की सूची भी प्रस्तुत की गई है। शपथ-पत्र में उल्लेख किया गया है कि सूचीबद्ध निर्माण सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा सड़क भूमि पर किए गए निर्माण से संबंधित हैं। न्यायालय को यह भी अवगत कराया गया कि संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा उन्हें न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी भी दी गई है।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि अनेक मकान संबंधित प्रवर्तन अधिकारी एवं क्षेत्र के प्रभारी उपायुक्त, जेडीए की जानकारी में सरकारी भूमि एवं सड़क पर निर्मित हुए हैं। न्यायालय ने संबंधित प्रवर्तन अधिकारी एवं उपायुक्त, प्राधिकरण को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि एवं सड़क पर इन अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों को किस प्रकार होने दिया गया।

न्यायालय ने यह भी पाया कि सूची में कुछ मकान एवं दुकानों के स्वामियों के नाम अंकित नहीं हैं। इस संबंध में

जयपुर विकास प्राधिकरण

की ओर से उपस्थित अधिवक्ता को संबंधित मकानों का आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालय द्वारा 429 मकानों के सभी संबंधित स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित प्रवर्तन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक नोटिस संबंधित स्वामी को व्यक्तिगत रूप से तामील कराने के साथ-साथ संबंधित मकान पर भी चस्पा किया जाए। संबंधित व्यक्तियों को आगामी सुनवाई में अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने संबंधित भूमि पर अपने मकानों का निर्माण किस प्रकार किया।

प्रकरण की अगली सुनवाई राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में 1 सितंबर को निर्धारित की गई है। जविप्रा द्वारा न्यायालय के निर्देशों की पालना में संबंधित अभिलेख एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

न्यायालय के आदेशानुसार, प्रकरण में कुछ व्यक्तियों द्वारा उन्हें पक्षकार बनाए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। न्यायालय ने इन आवेदनों की प्रतियां जेडीए के अधिवक्ता तथा रिट याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यक होने पर वे अपना जवाब प्रस्तुत कर सकें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

Share this story