जयगढ़ दुर्ग में सजेगी विरासत की महफिल: 18 से 20 दिसंबर तक होगा हेरिटेज फेस्टिवल
जयपुर, 17 जून (हि.स.)। गुलाबी नगरी जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने के उद्देश्य से ‘जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल’ का तीसरा संस्करण आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय इस भव्य महोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक जयगढ़ दुर्ग में किया जाएगा। यह आयोजन पद्मनाभ सिंह की पहल, टीमवर्क आर्ट्स के सहयोग और वेदांता के प्रस्तुतीकरण में होगा।
वहीं विशेष बात यह है कि यह महोत्सव वर्ष 2027 में जयपुर शहर के 300 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले त्रिशताब्दी समारोहों का औपचारिक आगाज भी करेगा। आयोजन के माध्यम से जयपुर की समृद्ध विरासत, संस्कृति और ऐतिहासिक यात्रा को नई पीढ़ी तथा देश-दुनिया के पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
आमेर किले और मावठा झील के मनोरम दृश्य वाले ‘चील का टीला’ स्थित जयगढ़ दुर्ग में आयोजित होने वाले इस उत्सव में संगीत, हस्तशिल्प, पारंपरिक बाजार, लोक कलाएं, वैचारिक संवाद, किस्सागोई और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। राजस्थान सहित दक्षिण एशिया की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए देश-विदेश के कलाकार, शिल्पकार और विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे।
पद्मनाभ सिंह ने बताया कि जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल उन परंपराओं, कहानियों और कलात्मक विरासतों का उत्सव है, जिन्होंने सदियों से जयपुर को आकार दिया है। उन्होंने कहा कि जयपुर के 300 वर्ष पूरे होने की तैयारी के बीच यह आयोजन अतीत की विरासत और आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करेगा।
वहीं,टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने बताया कि विरासत केवल इतिहास को संरक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत और प्रासंगिक बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह महोत्सव संस्कृति की उस शक्ति को सामने लाता है, जो लोगों को जोड़ने का कार्य करती है।
इस महोत्सव के विस्तृत कार्यक्रम, कलाकारों की सूची, विशेष हेरिटेज अनुभवों और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों की घोषणा आगामी महीनों में की जाएगी। आयोजन से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

