जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ उदयपुर, रजत रथ पर नगर भ्रमण को निकले प्रभु

WhatsApp Channel Join Now
जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ उदयपुर, रजत रथ पर नगर भ्रमण को निकले प्रभु


जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ उदयपुर, रजत रथ पर नगर भ्रमण को निकले प्रभु


उदयपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ स्वामी रजत रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा उदयपुर भक्तिभाव से सराबोर हो उठा। जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोष, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच आराध्य के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब जगदीश चौक पर उमड़ पड़ा। राजस्थान की सबसे बड़ी तथा देश की तीसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस ऐतिहासिक रथयात्रा ने नगर को भक्ति और उल्लास के रंग में रंग दिया।

रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व भगवान जगन्नाथ को परंपरानुसार 21 बंदूकों की सलामी दी गई। इसके बाद प्रभु को पालकी से विधिवत रजत रथ पर विराजित किया गया। इस अवसर पर माता लक्ष्मी और दाणीरायजी भी रथ में विराजमान रहे। 95 किलो चांदी से निर्मित रजत रथ पर सवार प्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों पहले से ही जगदीश चौक और आसपास के मार्गों पर एकत्र होने लगे थे।

इस वर्ष की रथयात्रा का विशेष आकर्षण मंदिर स्थापना के बाद पहली बार लगभग 375 वर्ष पुराने ऐतिहासिक लकड़ी के रथ का शामिल होना रहा। रजत रथ और ऐतिहासिक लकड़ी के रथ की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा प्रारंभ हुई तो वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

जगदीश चौक से लेकर घंटाघर, बड़ाहबाजार, भड़भूजा घाटी, भूपालवाड़ी, तीज का चौक, धानमंडी सहित पूरे रथयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। पुराने शहर की हवेलियों, मकानों और होटलों की छतों पर भी हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए घंटों तक डटे रहे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया गया तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा छाछ, शरबत, शीतल जल और जलपान की सेवा के शिविर लगाए गए।

रथयात्रा में शामिल भजन मंडलियां, आकर्षक झांकियां और भगवान के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नृत्य करते हुए रथ के साथ आगे बढ़ते रहे। भगवान श्री जगन्नाथ की एक झलक पाने के लिए हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह दिखाई दिया। पूरे नगर में आस्था, सेवा और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला तथा उदयपुर एक बार फिर भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूर्णतः निमग्न नजर आया।

रथयात्रा देर रात पुन: जगदीश मंदिर पहुंचेगी जहां महाआरती के पश्चात भगवान को पुन: मंदिर में बिराजमान किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

Share this story