ईसरदा का पानी बदलेगा दौसा-सवाई माधोपुर की तस्वीर, 35 लाख लोगों तक पहुंचेगा शुद्ध पानी
जयपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। दौसा और सवाई माधोपुर जिले के गांवों-कस्बों में आने वाले समय में पेयजल व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली है। करीब 3,588 करोड़ रुपये की ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब निर्माण से जलापूर्ति की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। परियोजना के तहत 1,256 गांवों और छह कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। इससे करीब 35 लाख आबादी को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत 3 लाख 6 हजार 198 से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 225 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट का तैयार होना है। फिलहाल प्लांट की जांच और संचालन की प्रक्रिया चल रही है। ईसरदा बांध के इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। अब बांध का पानी उपचारित कर विशाल पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए गांवों और कस्बों तक पहुंचाने की तैयारी है।
परियोजना के पहले पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य संचरण पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें से करीब 299 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है।
ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों तथा फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है। पहले पैकेज पर अब तक 1,005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल और पंप हाउस का भवन निर्माण भी पूरा हो गया है।
परियोजना को विभिन्न समूहों में बांटकर आगे बढ़ाया जा रहा है। लालसोट समूह में 302 गांवों और लालसोट शहर को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। यहां 2,002 किलोमीटर प्रस्तावित पाइपलाइन में से 124.7 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है। 47 उच्च जलाशयों में से 11 का निर्माण भी प्रगति पर है। दौसा समूह में 248 गांवों और दौसा शहर को जोड़ने के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है, जिसमें से 154 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है। यहां 52 उच्च जलाशयों में से 11 और नौ स्वच्छ जलाशयों में से दो का निर्माण प्रगति पर है।
बसवा समूह में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को लाभ मिलेगा। यहां प्रस्तावित 2,077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1,801 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इस पैकेज पर अब तक 217.17 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। वहीं महुआ समूह में प्रस्तावित 315 किलोमीटर पाइपलाइन में से 244 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है और इस कार्य पर 60.74 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
परियोजना का विस्तार सवाई माधोपुर जिले तक भी किया जा रहा है। इसके तहत बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों सहित कुल 177 गांवों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपए का कार्यादेश 6 सितंबर 2025 को जारी किया जा चुका है।
परियोजना के बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध तरीके से जल कनेक्शन जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
ईसरदा बांध परियोजना केवल एक जलाशय तक सीमित नहीं है। विशाल पाइपलाइन, फिल्टर प्लांट, जलाशयों और वितरण तंत्र के जरिए इसे दौसा और सवाई माधोपुर के लाखों लोगों की पेयजल जरूरत से जोड़ने की तैयारी है।
परियोजना के विभिन्न हिस्सों में चल रहा निर्माण कार्य पूरा होने के साथ इन क्षेत्रों में लंबे समय के लिए व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति का आधार तैयार होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

