जीएसटी जांच में खुलीं अनियमितताएं: चार फर्मों से 1.16 करोड़ से अधिक जमा-रिवर्स

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जीएसटी जांच में खुलीं अनियमितताएं: चार फर्मों से 1.16 करोड़ से अधिक जमा-रिवर्स


जीएसटी जांच में खुलीं अनियमितताएं: चार फर्मों से 1.16 करोड़ से अधिक जमा-रिवर्स


जयपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। जीएसटी नियमों के अनुपालन, कर अपवंचन और गलत तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पर अंकुश लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने जयपुर, बाड़मेर और किशनगढ़ में सर्वे व निरीक्षण की कार्रवाई तेज कर दी है। विभागीय जांच में चार प्रतिष्ठानों में जीएसटी संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के बाद संबंधित करदाताओं ने 1.16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा या रिवर्स की है।

महारानी ट्रैवल्स में 96.93 लाख की आईटीसी अनियमितता: जनता कॉलोनी स्थित महारानी ट्रैवल्स पर 20 अगस्त को निरीक्षण किया गया। लेखा पुस्तकों, रिटर्न और अभिलेखों की जांच में 96,93,048 रुपए के आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित अनियमितता सामने आई। विभाग की कार्रवाई के बाद फर्म ने 26 अगस्त को पूरी राशि स्वेच्छा से रिवर्स करते हुए जमा कराई।

लूदार कंस्ट्रक्शन ने जमा किए 2.55 लाख: बाड़मेर स्थित लूदार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 24 अगस्त को निरीक्षण एवं सर्च में ऐसे करदाता से आईटीसी लेने का मामला सामने आया, जिसका पंजीयन प्रारंभ से ही रद्द था और उसे गैर-मौजूद करदाता के रूप में चिन्हित किया गया था। इसके बाद फर्म ने 2,55,405 रुपए स्वेच्छा से जमा किए। कोई माल या दस्तावेज जब्त नहीं किया गया।

हाशमी ओवरसीज में 21.98 लाख की संभावित देनदारी: कानोता औद्योगिक क्षेत्र स्थित हाशमी ओवरसीज एलएलपी पर 20 अगस्त को निरीक्षण एवं सर्च में ट्रकों की आपूर्ति, सेवाओं को छूट प्राप्त कारोबार बताने और परिसर किराये पर देने से जुड़े लेन-देन की जांच की गई। आईटीसी के उपयोग में विसंगतियां सामने आईं। 21,98,505 रुपए की संभावित राजस्व देनदारी चिन्हित हुई, जिसमें 13,49,910 रुपए कर और 8,48,595 रुपए ब्याज है। फर्म ने 21 अगस्त को 6,44,308 रुपए स्वेच्छा से जमा किए। शेष रिकॉर्ड की जांच जारी है।

ग्रेनाइट फर्म में 19.08 लाख की विसंगति: किशनगढ़ के ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्री यमुना महारानी ग्रेनाइट्स का 27 अगस्त को सर्वे किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में आईटीसी में करीब 19.08 लाख रुपए की संभावित विसंगति सामने आई। कार्रवाई के बाद फर्म ने 11.25 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए।

विभाग के अनुसार रिटर्न विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्ध लेन-देन व आईटीसी मामलों की जांच लगातार जारी है। गलत आईटीसी लेने, कर दायित्व छिपाने और जीएसटी प्रावधानों के उल्लंघन पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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