अंतरराष्ट्रीय गिद्ध दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 5 को
बीकानेर, 04 सितंबर (हि.स.)। राजकीय डूंगर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध दिवस के अवसर पर शनिवार, 5 सितम्बर को गिद्ध संरक्षण एवं पर्यावरण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का उद्देश्य गिद्धों की घटती संख्या, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा गिद्धों की आबादी में पुनः वृद्धि के लिए किए जाने वाले प्रभावी उपायों पर वैज्ञानिक विमर्श करना है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र पुरोहित ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर देश के प्रख्यात प्राणीशास्त्री प्रो. पंकज गोस्वामी का विशेष अभिनन्दन किया जाएगा।
प्राणिशास्त्र विभाग के प्रभारी प्रो. प्रताप सिंह ने बताया कि उद्घाटन सत्र के पश्चात तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के विशेषज्ञ डॉ. विभू प्रकाश एवं डॉ. हेमन्त वाजपेयी, तथा महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के प्रो. अनिल छंगाणी सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।
संगोष्ठी के संयोजक प्रो. आनन्द खत्री ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के रसायन विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया जाएगा। संगोष्ठी में गिद्धों की पारिस्थितिक एवं पर्यावरणीय भूमिका, उनकी घटती संख्या के प्रमुख कारण, संरक्षण की वर्तमान स्थिति तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपायों पर गहन चर्चा की जाएगी।
डॉ बलराम साईं ने बताया कि गिद्ध प्रकृति में मृत जैविक पदार्थों के निस्तारण तथा पर्यावरणीय स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः इनके संरक्षण को जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
महाविद्यालय प्रशासन ने वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों से इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

